Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    भारतीय ज्ञान परंपरा को जिंदा रखने की कोशिश, सभी यूनिवर्सिटी-कॉलेज में शुरू होगा कोर्स; क्या है सरकार की तैयारी?

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:51 PM (IST)

    शिक्षा मंत्रालय भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनर्जीवित करने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में इसके केंद्र ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। प्राचीन समय चली आ रही भारतीय ज्ञान परंपरा को जिंदा रखने और उससे देश की नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में अब इसके केंद्र खोलने की पहल की है। जो न सिर्फ सभी विषयों की पढ़ाई के दौरान छात्रों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोडेंगे बल्कि वह इससे जुड़े अंडर ग्रेजुएट (यूजी), पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी ) व मिड-कोर्स शुरू करेंगे।

    अब तक करीब दर्जन भर उच्च शिक्षण संस्थान इस दिशा में आगे बढ़ चुके है जिन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े करीब 40 कोर्स डिजाइन किए है। इनमें आईआईटी मद्रास व मंडी भी शामिल है। उपनिवेशवाद से देश को पूरी तरह मुक्त कराने में जुटी सरकार ने अब नई पीढ़ी को हर स्तर पर इससे परिचित कराने की पहल की है, ताकि सभी देश के प्राचीन ज्ञान परंपरा पर गर्व कर सकें।

    भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े कोर्स डिजाइन

    मंत्रालय ने इसके साथ ही देश भर में इसके शोध व प्रशिक्षण के लिए केंद्र भी खोलने की शुरूआत की है। इस बीच भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े जो कोर्स डिजाइन किए गए है, उनमें अधिकांश ऑनलाइन है, जबकि कुछ कोर्स हाइब्रिड मोड में भी है। इनमें आइआइटी मंडी ने बीटेक के साथ मिड-कोर्स भी डिजाइन किए है। इसे छात्र द्वितीय, तृतीय या चौथे वर्ष में पढ़ सकेंगे।

    इन कोर्सों में भागवत सांख्य व योगसूत्र आदि शामिल है। इसके साथ ही जिन कोर्सों को शुरू किया गया है, उनमें कौटिल्य दर्शन, परीक्षा पद्धति व भारतीय शास्त्रीय रचनाएं आदि शामिल है। मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों को भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े केंद्रों को खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। मौजूदा समय में देश में करीब 11 सौ विश्वविद्यालय और करीब 48 हजार कॉलेज है।