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    शेयर बाजार से लेकर स्टार्टअप्स में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी, सरकार की रिपोर्ट में सामने आई अहम जानकारी

    Updated: Sun, 06 Apr 2025 07:59 PM (IST)

    मंत्रालय के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं के पास सभी बैंक खातों का 39.2 प्रतिशत हिस्सा है जबकि कुल जमा में उनका योगदान 39.7 प्रतिशत है। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी भागीदारी सबसे अधिक है जहां कुल बैंक खातों में उनका हिस्सा 42.2 प्रतिशत है। पिछले कुछ वर्षों में डीमैट खातों में वृद्धि होना शेयर बाजार में लोगों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

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    सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने जारी की है रिपोर्ट (फोटो: जागरण)

    पीटीआई, नई दिल्ली। भारत में कुल बैंक खातों में महिलाओं की हिस्सेदारी 39.2 प्रतिशत है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह अनुपात 42.2 प्रतिशत है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने रविवार को 'भारत में महिला और पुरुष 2024: चयनित संकेतक और आंकड़े' शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की।

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    यह रिपोर्ट भारत में लैंगिक परिदृश्य का एक व्यापक अवलोकन प्रस्तुत करता है, जिसमें जनसंख्या, शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक भागीदारी और निर्णय लेने जैसे प्रमुख क्षेत्रों में चयनित संकेतक और आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं। ये आंकड़े विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों से प्राप्त किए गए हैं।

    डीमैट खातों में 4 गुना की वृद्धि

    31 मार्च, 2021 से 30 नवंबर, 2024 तक डीमैट खातों की कुल संख्या चार गुना से अधिक होकर 3.32 करोड़ से बढ़कर 14.30 करोड़ हो गई है। पुरुष डीमैट खाताधारकों की संख्या लगातार महिला खाताधारकों से अधिक रही है, लेकिन महिलाओं की भागीदारी में भी वृद्धि देखी गई है।

    पुरुष अकाउंट की संख्या 2021 के 2.65 करोड़ से बढ़कर 2024 में 11.53 करोड़ हो गई, जबकि इसी अवधि के दौरान महिला अकाउंट की संख्या 66.7 लाख से बढ़कर 2.77 करोड़ हो गई। वर्ष 2021-22, 2022-23 और 2023-24 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्रों में महिलाओं की अगुआई वाले प्रतिष्ठानों का प्रतिशत बढ़ता हुआ देखा गया है।

    महिला निदेशक वाले स्टार्टअप की संख्या बढ़ी

    • महिला मतदाता पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुल मतदाताओं की संख्या 1952 के 17.32 करोड़ से बढ़कर 2024 में 97.8 करोड़ हो गई। वर्षों से मतदान करने वाली महिलाओं की संख्या में भिन्नता रही है। यह 2019 में 67.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, लेकिन 2024 में थोड़ी गिरावट के साथ 65.8 प्रतिशत रह गई।
    • 2024 में मतदान करने वाली महिलाएं, पुरुषों से आगे निकल गईं। पिछले कुछ वर्षों में, डीपीआइआइटी द्वारा मान्यता प्राप्त ऐसी स्टार्टअप फर्मों की संख्या बढ़ी है, जिसमें कम से कम एक महिला निदेशक है। यह महिला उद्यमिता में सकारात्मक प्रवृत्ति को दर्शाता है। ऐसे स्टार्टअप की कुल संख्या 2017 में 1,943 से बढ़कर 2024 में 17,405 हो गई।

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