विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'इस बार आपको भेजेंगे स्वर्ग', अमित शाह पर खरगे का हमला; कहा- 'एक चाय बेचने वाला...'

Published: Mon, 28 Apr 2025 08:54 PM (IST)

जयपुर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संविधान बचाओ रैली में गृह मंत्री अमित शाह के आंबेडकर बयान पर तंज ...और पढ़ें

जयपुर में संविधान बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का संबोधन।
जयपुर में संविधान बचाओ रैली के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का संबोधन।

HighLights

  1. खरगे ने अमित शाह के आंबेडकर बयान पर किया कटाक्ष
  2. पीएम मोदी पर बोले- 56 इंच की छाती अब टेलर से नापो
  3. कांग्रेस को नए मतदाताओं और दलितों पर फोकस करने का निर्देश

जागरण संवाददाता, जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जयपुर में सोमवार को पार्टी की संविधान बचाओ रैली के संबोधन के दौरान संसद में गृह मंत्री अमित शाह के आंबेडकर वाले बयान को लेकर अजीबोगरीब टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि अमित शाह बोलते हैं कि आप आंबेडकर की जगह भगवान का इतना नाम लेते तो स्वर्ग पहुंच जाते। तो हमने भी तय किया है कि आपको इस बार स्वर्ग भेजेंगे। फैसला यमराज करेंगे। अपने पूरे भाषण में खरगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा पर हमलावर रहे।

प्रधानमंत्री पर सियासी निशाना

उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के नेता आए, लेकिन दुख है कि प्रधानमंत्री मोदी नहीं आए। वह बिहार में चुनावी भाषण दे रहे थे। मोदी 56 इंच की छाती की बात करते थे। अब यह सिकुड़ कर कितनी रह गई, किसी टेलर के पास भेजिए, पता चलेगा कि कितनी बची है।

"डॉ भीमराव आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसी की ताकत है कि एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है। मेरे जैसा मिल मजदूर का बेटा विपक्ष का नेता बन सकता है।" मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस अध्यक्ष

उन्होंने पीएम मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाते उनके कथित 12 झूठ गिनाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली मंदिर गए। बाद में मंदिर को भाजपा के नेता ने गंगाजल से धुलवाया। हिंदू एकता की बात कहां गई। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में सभी से एकजुट होकर भाजपा सरकारों के खिलाफ आंदोलन करने, नए मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने, दलितों व पिछड़ों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें: पाकिस्तान ने कब-कब तोड़ा सीजफायर? पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी नहीं रुका, भारत ने दिया मुंहतोड़ जवाब