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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 17, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Malegaon blast case: सप्ताह में एकबार पेश होंगे मालेगांव विस्फोट मामले के सभी आरोपित

By TaniskEdited By:
Published: Fri, 17 May 2019 01:58 PM (IST)Updated: Fri, 17 May 2019 09:18 PM (IST)

Malegaon blast case साध्वी प्रज्ञा ठाकुर कर्नल पुरोहित समेत अन्य आरोपियों को मुंबई की स्पेशल एनआइए कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सप्ताह में एक बार हाजिर रहने को कहा है।

Malegaon blast case: सप्ताह में एकबार पेश होंगे मालेगांव विस्फोट मामले के सभी आरोपित
Malegaon blast case: सप्ताह में एकबार पेश होंगे मालेगांव विस्फोट मामले के सभी आरोपित

मुंबई, प्रेट्र। Malegaon blast case, मालेगांव विस्फोट मामले की सुनवाई कर रही मुंबई की विशेष कोर्ट ने सभी सातों आरोपितों को सप्ताह में एक बार पेश होने के लिए कहा है। 2008 के इस मामले में भोपाल से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित भी आरोपितों में शामिल हैं। सुनवाई के दौरान अक्सर गैरहाजिर रहने से क्षुब्ध एनआइए की विशेष कोर्ट के न्यायाधीश विनोद पदलकर ने यह निर्देश दिया। 

न्यायाधीश ने यह भी निर्देश दिया कि बिना पर्याप्त कारण के पेशी से छूट नहीं दी जाएगी।कोर्ट में अभी मामले के गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। मामले पर अगली सुनवाई 20 मई को होगी। इस मामले में पुरोहित और ठाकुर के अलावा मेजर (सेवानिवृत्त) रमेश उपाध्याय, अजय रहिरकर, सुधाकर द्विवेदी, सुधाकर चतुर्वेदी और समीर कुलकर्णी भी आरोपित हैं। ये सभी अभी जमानत पर हैं।

पिछले वर्ष अक्टूबर में कोर्ट ने सातों आरोपितों के खिलाफ आतंकी गतिविधि, आपराधिक साजिश और हत्या एवं अन्य का आरोप तय किया था। आरोपित गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आइपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत सुनवाई का सामना कर रहे हैं। इनके खिलाफ यूएपीए की धारा 16 (आतंकी गतिविधि अंजाम देना) और 18 (आतंकी गतिविधि की साजिश रचना) के तहत आरोप लगाया गया है।आइपीसी के तहत सभी के खिलाफ धारा 120 (बी) (आपराधिक साजिश), 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास), 324 (जानबूझकर नुकसान पहुंचाना) और 153 (ए) (दो धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाना) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की उपयुक्त धाराओं के तहत भी आरोप लगाया गया है।

गौरतलब है कि 29 सितंबर 2008 को मालेगांव में एक मस्जिद के समीप हुए धमाके में छह लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हो गए थे। मस्जिद के पास एक मोटरसाइकिल बांधे गए विस्फोटक पदार्थ से इसे अंजाम दिया गया था।

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