विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 12, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Mahua Moitra: लोकसभा से निष्कासन के बाद महुआ मोइत्रा को एक और झटका, जल्द खाली करना होगा सरकारी आवास

By Jagran NewsEdited By: Devshanker Chovdhary
Published: Tue, 12 Dec 2023 11:19 PM (IST)

लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को अब जल्द ही अपना आधिकारिक सरकारी आवास भी ...और पढ़ें

लोकसभा से निष्कासित महुआ को जल्द खाली करना होगा सरकारी आवास। (फाइल फोटो)
लोकसभा से निष्कासित महुआ को जल्द खाली करना होगा सरकारी आवास। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. शुक्रवार को लोकसभा में तृणमूल की सांसद मोइत्रा की संसद सदस्यता कर दी गई थी खत्म।
  2. महुआ पर पैसे के बदले सदन में सवाल पूछने के थे आरोप, आचार समिति ने इन्हें पाया सही।

पीटीआई, नई दिल्ली। लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा को अब जल्द ही अपना आधिकारिक सरकारी आवास भी खाली करना होगा। लोकसभा हाउस कमेटी ने शहरी मामलों के मंत्रालय को संसद के निचले सदन से महुआ के निष्कासन के बारे में सूचित कर दिया है।

आवास खाली कराने की प्रक्रिया शुरू

सूत्रों ने कहा कि माना जा रहा है कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने उनके टेलीग्राफ लेन स्थित घर को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोइत्रा को आचार समिति की सिफारिशों के आधार पर शुक्रवार को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। उन पर संसद में प्रश्न पूछने के लिए कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से नकद राशि और उपहार लेने का आरोप था।

यह भी पढ़ेंः क्या फिर से संसद लौट पाएंगी महुआ मोइत्रा, लोकसभा से निष्कासन को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

समिति ने महुआ को पाया था दोषी

लोकसभा आचार समिति ने जांच में उन्हें अनैतिक आचरण का दोषी पाया था। समिति ने पाया कि संसद की गरिमा को महुआ ने अपने अशोभनीय व्यवहार से आघात पहुंचाया। सांसद के अपने पोर्टल की यूजर आइडी और पासवर्ड अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा कर न केवल सदन की अवमानना की है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरनाक और चिंताजनक है।

लोकसभा से निष्कासित हुई थीं महुआ मोइत्रा

इस समिति की रिपोर्ट के आधार पर सदन में लाए गए सरकार के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित करते हुए महुआ की लोकसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी। हालांकि महुआ ने लोकसभा की उनकी सदस्यता खत्म करने के फैसले को 'कंगारू कोर्ट' द्वारा दी गई फांसी की सजा जैसा बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि विपक्ष को झुकने पर मजबूर करने के लिए सरकार संसदीय समिति को हथियार बना रही है।

यह भी पढ़ेंः महुआ मोइत्रा के निष्कासन से विपक्षी एकता को मिल सकता बल, TMC को मुखर विरोधी कांग्रेस व वामदलों का मिल रहा पूरा समर्थन