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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महुआ मोइत्रा के निष्कासन से विपक्षी एकता को मिल सकता बल, TMC को मुखर विरोधी कांग्रेस व वामदलों का मिल रहा पूरा समर्थन

By Jagran NewsEdited By: Nidhi Avinash
Published: Sun, 10 Dec 2023 08:38 PM (IST)

लोकसभा से महुआ मोइत्रा का निष्कासन राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बहस का मुद्दा बना हुआ है। बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर ...और पढ़ें

महुआ मोइत्रा के निष्कासन से विपक्षी एकता को मिल सकता बल (Image: ANI)
महुआ मोइत्रा के निष्कासन से विपक्षी एकता को मिल सकता बल (Image: ANI)

HighLights

  1. महुआ मोइत्रा के निष्कासन से विपक्षी एकता को मिल सकता बल
  2. TMC को मुखर विरोधी कांग्रेस व वामदलों का मिल रहा पूरा समर्थन
  3. महुआ का निष्कासन विपक्ष की आवाज को चुप कराने का प्रयास

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। लोकसभा से महुआ मोइत्रा का निष्कासन राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बहस का मुद्दा बना हुआ है। कुछ का मानना है कि ये कार्रवाई विपक्ष गठबंधन को कमजोर करने के लिए की गई है। अब कुछ का मानना है कि इस कार्रवाई से विपक्षी एकता को बल ही मिलेगा। कार्रवाई होने के बाद जिस तरह से तृणमूल को कांग्रेस व वामदलों का समर्थन मिल रहा है उससे यही प्रतीत होता है।

बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी साफ तौर पर कह चुके हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन होने पर भी बंगाल में तृणमूल के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और भाजपा के साथ-साथ उसके विरुद्ध भी लड़ाई जारी रहेगी। अधीर महुआ का पहले दिन से समर्थन करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अदाणी समूह के विरुद्ध खड़े होने के कारण जिस तरह से राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश की गई, महुआ के मामले में भी वैसी ही साजिश रची जा रही है।

नारद स्टिंग केस में इतने वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं

बंगाल माकपा के सचिव मोहम्मद सलीम, पार्टी के राज्यसभा सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य व केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने प्रश्न किया है कि जिस एथिक्स कमेटी ने नारद स्टिंग केस में इतने वर्षों तक कोई कार्रवाई नहीं की, वह महुआ का सांसद पद छीनने के लिए इतनी सक्रिय क्यों हो गई?

अदाणी समूह के स्वार्थ की रक्षा के लिए भाजपा की अगुआई वाली केंद्र सरकार के इशारे पर ये सारा कुछ हो रहा है। दूसरी तरफ बंगाल भाजपा के नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे को बेवजह तूल दिया जा रहा है। महुआ मोइत्रा ने गलत किया है इसलिए उनके विरुद्ध नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है।

महुआ का निष्कासन विपक्ष की आवाज को चुप कराने का प्रयास

भाकपा-माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने सांसद महुआ मोइत्रा के निष्कासन की निंदा की है। उन्होंने कहा कि महुआ का निष्कासन मोदी सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज को चुप कराने का प्रयास है। विपक्षी सदस्यों के खिलाफ भाजपा की प्रतिशोधात्मक कार्रवाइयों की लंबी सूची में महुआ का नाम भी जुड़ गया है। दीपंकर ने कहा कि राहुल गांधी की लोकसभा से बर्खास्तगी, संजय ¨सह की गिरफ्तारी और दानिश अली को सांप्रदायिक निशाना बनाने की कड़ी में ही यह कार्रवाई भी है।

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