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    मोहम्मद यूनुस के सलाहकार महफूज आलम ने भारत के खिलाफ उगला जहर, विदेश मंत्रालय ने लगा दी क्लास

    By Agency Edited By: Piyush Kumar
    Updated: Fri, 20 Dec 2024 05:25 PM (IST)

    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकारों में से एक महफूज आलम के एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है। उन्होंने पश्चिम बंगाल असम और त्रिपुरा को बांग्लादेश का हिस्सा बताया था. इस पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने इस मुद्दे पर बांग्लादेश पक्ष के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार महफूज आलम ने भारत विरोधी टिप्पणी की है।(फोटो सोर्स: जागरण)

    पीटीआई, नई दिल्ली। एक तरफ जहां बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले बंद नहीं हो रहे। वहीं, दूसरी ओर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार महफूज आलम ने भारत विरोधी टिप्पणी की है, जिस पर विदेश मंत्रालय ने कड़ा विरोध जाहिर किया है।

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    बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकारों में से एक महफूज आलम के एक फेसबुक पोस्ट को लेकर बवाल मचा हुआ है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा को बांग्लादेश का हिस्सा बताया था। हालांकि, उन्होंने पोस्ट को बाद में हटा दिया। 

    भारत ने जताया कड़ा विरोध

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि हमने इस मुद्दे पर बांग्लादेश पक्ष के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत सरकार ने अनुरोध किया है कि बांग्लादेश की तरफ से कोई ऐसे कमेंट न किए जाएं जो भारत विरोधी है। हालांकि, महफूज आलम ने बाद में फेसबुक पोस्ट डिलीट कर दिया था।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमने इस मुद्दे पर बांग्लादेश पक्ष के समक्ष अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। हम समझते हैं कि जिस पोस्ट का उल्लेख किया जा रहा है, उसे कथित तौर पर हटा दिया गया है। हम सभी संबंधित पक्षों को याद दिलाना चाहेंगे कि वे अपनी सार्वजनिक टिप्पणियों के प्रति सचेत रहें। 

    पोस्ट में क्या लिखा था?

    महफूज ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया था कि उनका सपना समग्र बंगाल का है। भारत, पाकिस्तान की राजनीति के कारण बंगाल खंडित है।

    उन्होंने पोस्ट में लिखा,"विजय तो मिल गई है, लेकिन पूर्ण मुक्ति अभी भी दूर है। हम हिमालय से लेकर बंगाल की खाड़ी तक टाउनशिप बहाल किए बिना पूर्वी पाकिस्तान के जरिए बांग्लादेश से मुक्ति नहीं पा सकते। भले ही वो बांग्लादेश के अंतरिम सरकार में मंत्री नहीं है, लेकिन वो प्रभावशाली लोगों में से एक हैं।"

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