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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, शनि शिंगणापुर देवस्थान ट्रस्ट बोर्ड भंग; कलेक्टर को सौंपी कमान

Published: Tue, 23 Sep 2025 12:04 PM (IST)

महाराष्ट्र सरकार ने शनि शिंगणापुर स्थित शनैश्वर मंदिर ट्रस्ट बोर्ड को भंग कर दिया है। मंदिर ट्रस्ट पर धोखाधड़ी और ...और पढ़ें

महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर स्थित शनैश्वर मंदिर ट्रस्ट बोर्ड भंग किया गया। फाइल फोटो
महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर स्थित शनैश्वर मंदिर ट्रस्ट बोर्ड भंग किया गया। फाइल फोटो

HighLights

  1. महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर ट्रस्ट बोर्ड भंग किया।
  2. सरकार ने जिला कलेक्टर को सौंपी मंदिर की जिम्मेदारी।
  3. ट्रस्ट पर लगे थे भ्रष्टाचार के आरोप।

डिजिटल डेस्क, अहिल्यानगर। महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर स्थित शनैश्वर मंदिर ट्रस्ट बोर्ड को भंग कर दिया गया है। पिछले काफी समय से मंदिर ट्रस्ट पर धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे थे। इसपर एक्शन लेते हुए राज्य सरकार ने ट्रस्ट बोर्ड को ही भंग कर दिया।

शनि शिंगणापुर देवस्थान ट्रस्ट पर मंदिर का मैनेजमेंट सही तरह न करने, वित्तीय कुप्रबंधन और फर्जी ऐप के जरिए श्रद्धालुओं से पैसा वसूलने का आरोप लग रहा था। ऐसे में राज्य सरकार ने ट्रस्ट भंग करते हुए मंदिर का पूरा दारोमदार जिला कलेक्टर को सौंप दिया है।

जिला कलेक्टर पर जिम्मेदारी

महाराष्ट्र सरकार के नए आदेश के अनुसार, फिलहाल के लिए मंदिर का प्रशासन जिला कलेक्टर के हाथों में रहेगा। मंदिर की अचल संपत्ति से लेकर श्रद्धालुओं की सभी सुविधाओं का ध्यान रखना और धार्मिक कार्यक्रमों में पारदर्शिता बनाने की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी।

बता दें कि शनि शिंगणापुर में स्थित शनैश्वर मंदिर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने के लिए इस मंदिर में पहुंचते हैं। हालांकि, पिछले काफी समय से मंदिर से ढेर सारी शिकायतें आ रही थीं। इसके लिए सरकार ने जांच शुरू करवाई थी।

जांच के बाद सरकार ने लिया फैसला

जांच पूरी होने के बाद राज्य सरकार ने ट्रस्ट को भंग करने का फैसला किया। सरकार ने भक्तों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए जिला कलेक्टर को मंदिर का जिम्मा सौंप दिया है। सरकार ने मंदिर में पारदर्शिता लाने और वित्तीय लेन-देन में सुधार के आदेश दिए हैं।

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