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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lingayat Quota: कर्नाटक में लिंगायत समुदाय ने की आरक्षण की मांग, विरोध प्रदर्शन में पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Published: Tue, 10 Dec 2024 05:15 PM (IST)Updated: Tue, 10 Dec 2024 05:42 PM (IST)

कर्नाटक के बेलगावी में मंगलवार को लिंगायत पंचमसाली समुदाय का आरक्षण की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन हिंसक हो गया। ...और पढ़ें

आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लिंगायत समुदाय पर लाठीचार्ज (फोटो- सोशल मीडिया)
आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे लिंगायत समुदाय पर लाठीचार्ज (फोटो- सोशल मीडिया)

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कर्नाटक के बेलगावी में मंगलवार को लिंगायत पंचमसाली समुदाय का आरक्षण की मांग को लेकर जारी प्रदर्शन हिंसक हो गया। पुलिस ने समुदाय के धार्मिक प्रमुख बसवजय मृत्युंजय स्वामीजी के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया है।

बताया जाता है कि प्रदर्शनकारी पुलिस द्वारा की गई बैरिकेडिंग को तोड़कर विधान सौध की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान लिंगायत पंचमसाली समुदाय के लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच में झड़प की खबर सामने आई है।

प्रदर्शनकारियों ने पहले दी चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने पहले ही कहा था कि अगर उनकी मांग को नहीं माना गया तो वे विधान सौध की घेराबंदी करेंगे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। इसके बाद पुलिस ने विपक्षी भाजपा के कई विधायकों और मृत्युंजय स्वामीजी के साथ-साथ उनके कई समर्थकों को एहतियातन हिरासत में ले लिया है।

इस घटना के बाद सड़क पर फटे हुए जूते बिखरे हुए दिखाई दे रहे हैं। वहीं, पुलिस बाकी प्रदर्शनकारियों से बहस करती हुई नजर आई।

कांग्रेस और बीजेपी आमने सामाने

कर्नाटक में लिंगायत पंचमसाली समुदाय के लोगों द्वारा जारी इस विरोध प्रदर्शन ने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद को भी जन्म दिया है। सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पंचमसाली संप्रदाय के कोटा आंदोलन के राजनीतिक नेताओं में से एक भाजपा के बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित कांग्रेस के विधायकों के साथ तीखी बहस की।

इस बहस के दौरान सदन में हंगामा देखने को मिला। जिस कारण विधानसभा की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा। इस मामले पर आज भी विधानसभा में चर्चा होनी थी। माना जा रहा था कि इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिल सकती है, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री एसएम कृष्णा के निधन के कारण सदन की कार्यवाही पूर्व कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज नेता के सम्मान में दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।