नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) में छिड़ी लड़ाई में रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं। इसी क्रम में पार्टी के संस्थापक सदस्य व हाल ही में पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से हटाए गए प्रशांत भूषण ने खुलासा किया है कि लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अरविंद केजरीवाल किसी भी सूरत में दिल्ली में अपनी सरकार बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने सीधे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से भी संपर्क करने की कोशिश की थी। उन्होंने केजरीवाल की तुलना स्टालिन की तानाशाही शैली से की है।

केजरीवाल को लिखे एक खुले पत्र में प्रशांत भूषण ने केजरीवाल पर आरोपों की झड़ी लगा दी है। भूषण ने केजरीवाल को संबोधित करते हुए लिखा है कि आपने निखिल डे से गुजारिश की थी कि वे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से कहें कि दिल्ली में आप की सरकार बनाने के लिए कांग्रेस उन्हें समर्थन करे। यह अलग बात है कि डे ने आपकी बात मानने से इंकार कर दिया था।

शांति भूषण को लगा था बच नहीं पाएंगे


पिछले दिनों हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में विधायकों पर गुंडागर्दी करने का आरोप लगाते हुए भूषण ने कहा है कि ऐसी स्थिति पैदा हो गई थी कि मेरे पिता (शांति भूषण) को यह लगने लगा था की वह जिंदा बचकर वहां से नहीं आ सकेंगे।

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दरबारियों से घिरे हैं केजरीवाल

भूषण ने पत्र के अंत में केजरीवाल को गुड बाय एवं गुड लक कहते हुए यह याद भी दिलाने की कोशिश की है कि यह नहीं भूलना होगा कि यह पार्टी हजारों लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए बनाई गई थी। विशेषकर नौजवानों ने बहुत सारे सपने पाले थे। वैकल्पिक राजनीति के लिए उन्होंने अपना समय, पैसा सब खर्च किया, लेकिन आपने सबको धोखा दिया है। आप दरबारियों से घिरे हुए हैं और यह पार्टी भी अब हाईकमान कल्चर वाली पार्टी बन गई है।

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Posted By: Kamal Verma

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