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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्राइवेट नौकरी में 100 प्रतिशत आरक्षण वाले विधेयक से कर्नाटक सरकार का यू टर्न, सीएम ने डिलीट किया पोस्ट

Published: Wed, 17 Jul 2024 04:12 PM (GMT+05:30)

प्राइवेट नौकरी में कन्नड़ लोगों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण वाले पोस्ट को सीएम सिद्दरमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ...और पढ़ें

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया। फाइल फोटो ।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया। फाइल फोटो ।

HighLights

  1. प्राइवेट फर्म में 100 प्रतिशत आरक्षण पर विवाद के बाद कर्नाटक सरकार ने विधेयक को लिया वापस
  2. सीएम सिद्दरमैया ने पोस्ट को किया डिलीट

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक सरकार स्थानीय लोगों को प्राइवेट फर्म में ग्रुप सी और ग्रुप डी के पदों पर 100 प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य करने वाले विधेयक पर यू टर्न ले लिया है। प्राइवेट फर्म में कन्नड़ लोगों के लिए 100 प्रतिशत आरक्षण वाले पोस्ट को सीएम सिद्दरमैया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा लिया है। वहीं, इस मामले पर विवाद बढ़ने के बाद कर्नाटक सरकार के मंत्री डैमेज कंट्रोल में लग गए हैं।

डैमेज कंट्रोल में लगे राज्य के मंत्री

राज्य के श्रम मंत्री संतोष लाड ने इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए कहा कि प्राइवेट फर्मों में स्थानीय लोगों के लिए गैर-मैनेजमेंट रोल्स के लिए 70 प्रतिशत और मैनेजेरियल लेवल के कर्मचारियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा तय की गई है।

सीएम ने अपने पोस्ट में क्या कहा था?

इससे पहले सीएम सिद्दरमैया ने अपने पोस्ट में कहा था कि कल हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सभी निजी उद्योगों में 'सी और डी' ग्रेड के पदों पर 100 प्रतिशत कन्नड़ लोगों की भर्ती अनिवार्य करने वाले विधेयक को मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा था कि हम कन्नड़ समर्थक सरकार हैं। हमारी प्राथमिकता कन्नड़ लोगों के कल्याण करना है। हालांकि, विवाद बढ़ने के बाद सीएम सिद्दरमैया ने एक्स पोस्ट को डिलीट कर लिया है।

नए विधेयक को मिली मंजूरी

वहीं, विवाद के बाद कर्नाटक सरकार ने नए विधेयक को मंजूरी दे दी है। श्रम मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्राइवेट फर्मों में प्रबंधन स्तर पर 50 प्रतिशत और गैर-प्रबंधन स्तर पर 70 प्रतिशत लोगों को आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में जरूरी कौशन उपलब्ध नहीं है तो उसे आउटसोर्स किया जा सकता है और उन्हें यहां काम दिया जा सकता है। वहीं, कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि जो लोग कर्नाटक में रह रहे हैं उन्हें कन्नड़ सीखना चाहिए।

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