Article 370: 'हारने के लिए लड़ी जाती हैं कुछ लड़ाइयां', कपिल सिब्बल ने SC के फैसले से पहले क्यों कहा था ऐसा?
Article 370 जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है। पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने अपनी हार मान ली थी।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 को निरस्त किए जाने के सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने वैध ठहराया है। पीठ ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अगले साल 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।
सिब्बल ने फैसला आने से पहले मान ली थी हार
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले याचिकाकर्ताओं के वकील कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया था। सिब्बल ने इस पोस्ट के जरिए पहले ही अपनी हार मान ली थी।
कपिल सिब्बल ने एक्स पर किया ये पोस्ट
कपिल सिब्बल ने एक्स पर लिखा, 'कुछ लड़ाइयां हारने के लिए लड़ी जाती हैं। इतिहास को पीढ़ियों के जानने के लिए असुविधाजनक तथ्यों को दर्ज करना होगा। संस्थागत कार्रवाइयों के सही और गलत होने पर आने वाले सालों में बहस होती रहेगी। इतिहास ही अंतिम निर्णायक है।'
इन वकीलों ने रखा था पक्ष
बता दें कि इस मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमानी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और अन्य ने दलीलें दीं। जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल और राजीव धवन ने बहस की थी।
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16 दिन चली थी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में 16 दिन की सुनवाई के बाद दो अगस्त को बहस पूरी हुई थी और पांच सितंबर को कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 एक अस्थायी प्रावधान था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख के पुनर्गठन को बरकरार रखा है।
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