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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक-अमेरिकी गलबहियों के बीच भारत उठाएगा सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा, जयशंकर खोलेंगे पाकिस्तान की पोल

Published: Mon, 30 Jun 2025 10:48 PM (IST)

सूत्रों का कहना है कि भारत के लिए सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा बहुत ही अहम रहेगा। हिंद प्रशांत क्षेत्र ...और पढ़ें

आतंकवाद के मुद्दे पर एस. जयशंकर खोलेंगे पाकिस्तान की पोल (फाइल फोटो)
आतंकवाद के मुद्दे पर एस. जयशंकर खोलेंगे पाकिस्तान की पोल (फाइल फोटो)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में नई सरगर्मी शुरू होने के बावजूद सीमा पार आतंकवाद को लेकर भारत के रूख में जरा सी भी बदलाव की उम्मीद नहीं है। इस हफ्ते जब अमेरिकी प्रशासन के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर की बात होगी तो उसमें पाकिस्तान समर्थित सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा बहुत ही अहम रहेगा। यही नहीं मंगलवार को क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी भारतीय विदेश मंत्री सीमा पार आतंकवाद पर जोर देंगे।

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के आमंत्रण पर जयशंकर 30 जून से दो जुलाई, 2025 तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। एक जुलाई को अमेरिका, भारत, जापान और आस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की क्वाड संगठन के तहत बैठक होगी। यह छह महीने में क्वाड विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक होगी।

पिछली बैठक में उठाए गए मुद्दों को बढ़ाया जाएगा आगे

क्वाड विदेश मंत्रियों की पिछली बैठक 21 जनवरी, 2025 को हुई थी। पिछली बैठक के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक जिन मुद्दों पर बात हई थी उसे इस बार आगे बढ़ाया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि क्वाड बैठक में हिंद प्रशांत की स्थिति को लेकर नये प्रस्तावों पर चर्चा होगी। लेकिन यह माना जा रहा है कि जिस तरह से ट्रंप प्रशासन ने अपनी नीतियों से अन्य सभी सदस्य देशों के साथ रिश्तों को असहज किया है, उसका असर भी बैठक में दिखेगा।

ट्रंप की शुल्क नीति से रिश्तों में आई समस्या

कूटनीतिक सूत्रों का कहना है कि, “पिछले छह महीने में वैश्विक माहौल में काफी बदलाव आया है। क्वाड की स्थापना करने में अहम भूमिका निभाने वाले अमेरिका की नई सरकार ने अपने कुछ फैसलों से इस संगठन के अन्य तीनों देशों के साथ रिश्तों को असहज किया है। खास तौर पर ट्रंप सरकार की शुल्क नीति से जापान, आस्ट्रेलिया और भारत के साथ कारोबारी रिश्तों के लिए समस्या पैदा हुई है। सभी सदस्य देश इस बारे में अपना रूख रख सकते हैं।''

सूत्रों का कहना है कि भारत के लिए सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा बहुत ही अहम रहेगा। हिंद प्रशांत क्षेत्र में भारत कई देशों के साथ आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर काम कर रहा है। इस क्षेत्र में अमेरिका से भी भारत के बेहद करीबी रिश्ते हैं। जयशंकर की क्वाड के अन्य सभी तीनों देशों के विदेश मंत्रियों से अलग अलग बैठक में सीमा पार आतंकवाद और हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले व इसके जवाब में भारत की कार्रवाई की जरूरत पर बात होगी।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का दौरा भी करेंगे जयशंकर

विदेश मंत्रालय ने बताया है कि विदेश मंत्री जयशंकर इस बार संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय का भी दौरा करेंगे और वहां आतकंवाद की वजह से मानवाधिकार के उल्लंघन के मुद्दे पर एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। सनद रहे कि हाल के हफ्तों में ट्रंप सरकार ने पाकिस्तान के साथ अपने संबंधों को सुधारने पर जोर दिया है। यह पाकिस्तान को लेकर अमेरिका की विगत एक दशक से ज्यादा की नीतियों के उलट है।

अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप ने पाक सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसीम मुनीर को आमंत्रित किया था और उनके साथ द्विपक्षीय संबंधों को लेकर विस्तार से बात की है। दूसरी तरफ, भारत व पाक के बीच हाल में हुई युद्ध को लेकर ट्रंप भारत सरकार की आधिकारिक नीति के खिलाफ बात कर रहे हैं। वह लगातार कह रहे हैं कि उनकी वजह से ही आपरेशन सिंदूर बंद हुआ। भारत इस बात से साफ इनकार कर रहा है।

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