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    ISRO ने अपने सबसे भारी राकेट इंजन का किया परीक्षण, OneWeb के उपग्रहों को लॉन्च करने में मिलेगी मदद

    By AgencyEdited By: Achyut Kumar
    Updated: Sat, 29 Oct 2022 11:54 AM (IST)

    ISROs heaviest rocket engine भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने अपने सबसे भारी राकेट इंजन CE-20 का अहम परीक्षण किया है। इससे लंदन स्थित उपग्रह संचार कंपनी वनवेब के उपग्रहों को अगले साल की शुरुआत में लॉन्च करन में मदद मिलेगी।

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    इसरो ने अपने सबसे भारी राकेट इंजन का सफल परीक्षण किया (फाइल फोटो)

    बेंगलुरु, पीटीआइ। तमिलनाडु के महेंद्रगिरि में इसरो प्रोपल्शन काम्प्लेक्स (IPRC) की उच्च ऊंचाई परीक्षण सुविधा में सीई-20 इंजन की उड़ान स्वीकृति हाट टेस्ट किया गया है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने कहा कि इंजन को अगले 36 वनवेब इंडिया-1 उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए पहचाने गए LVM3-M3 मिशन के लिए सौंपा गया है।

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    अगले साल लॉन्च होंगे वनवेब के उपग्रह

    सूत्रों ने कहा कि लंदन स्थित उपग्रह संचार कंपनी वनवेब के इन उपग्रहों को अगले साल की शुरुआत में एलवीएम3 पर इसरो की वाणिज्यिक शाखा न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) द्वारा लॉन्च किए जाने की उम्मीद है। शुक्रवार की उड़ान स्वीकृति परीक्षण 23 अक्टूबर को श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC- SHAR) से NSIL द्वारा 36 वनवेब उपग्रहों के पहले सेट के प्रक्षेपण के कुछ दिनों के भीतर आया है।

    कठिन क्षेत्रों तक पहुंच होगी मुमकिन

    वनवेब के अनुसार, एनएसआईएल और इसरो के साथ इसकी साझेदारी ने 2023 तक पूरे भारत में कनेक्टिविटी प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। लद्दाख से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक, वनवेब न केवल उद्यमों के लिए बल्कि कस्बों, गांवों, नगर पालिकाओं और स्कूलों के लिए भी सुरक्षित समाधान लाएगा, जिसमें देश भर में सबसे कठिन क्षेत्रों तक पहुंच शामिल है।

    वनवेब को मिला भारती ग्लोबल का समर्थन

    कंपनी ने कहा, 'भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए वनवेब की प्रतिबद्धता को भारती ग्लोबल, इसके सबसे बड़े निवेशक का समर्थन प्राप्त है।' वहीं, NSIL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक राधाकृष्णन डी ने कहा था, 'हम वनवेब के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने और LEO कनेक्टिविटी की क्षमता का उपयोग करके पूरे भारत में ब्राडबैंड सेवाएं देने के लिए तत्पर हैं।'

    NSIL ने OneWeb के साथ अनुंबध पर किए हस्ताक्षर

    राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, पिछले रविवार के प्रक्षेपण ने वैश्विक वाणिज्यिक लॉन्च सेवा बाजार में राकेट के प्रवेश को चिह्नित किया। अंतरिक्ष विभाग के तहत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम NSIL ने पहले इसरो के LVM3 पर कुल 72 वनवेब LEO (लो अर्थ आर्बिट) उपग्रहों को लॉन्च करने के लिए नेटवर्क एक्सेस एसोसिएटेड लिमिटेड (वनवेब) के साथ दो लॉन्च सेवा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए थे।

    LVM3 क्या है ? (What is LVM3)

    LVM3, ISRO का सबसे भारी राकेट, चार टन वर्ग के उपग्रह को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर आर्बिट (Geosynchronous Transfer orbit) में लान्च करने में सक्षम है। LVM3 (लान्च व्हीकल मार्क 3) एक तीन चरणों वाला वाहन है, जिसमें दो ठोस मोटर स्ट्रैप-आन, एक तरल प्रणोदक कोर चरण और एक क्रायोजेनिक चरण होता है।

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