ग्वालियर, जेएनएन। ग्वालियर में गुरुवार को RPF की टीम ने 5 ट्रैवल एजेंसी पर एक छापामारी की। इस दौरान यहां से टिकट दलालों को पकड़ने के साथ ही भारी संख्या में पहले से बने हुए टिकट भी बरामद किए गए हैं। ये एजेंट फेक आईडी और हाई स्पीड इंटरनेट की मदद से टिकटों की बुकिंग करते थे। इससे साधारण यात्री जब वेबसाइट खोलते हैं तब तक वेटिंग लग चुकी होती थी। इस पूरे काम को महज 15 मिनट के भीतर अंजाम दिया जाता था।

आरपीएफ टीआई आनंद स्वरूप पांडे के नेतृत्व में 5 टीमों ने जिले में 5 अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई की हैं। इस दौरान भारी संख्या में भविष्य एवं पूर्व की यात्रा टिकट बरामद किए गए हैं। टीम ने यह कार्रवाई किलागेट स्थित नितिन सायबर जोन, प्रिंस ट्रैवल्स एजेंसी, नई सड़क स्थित परदेशी ट्रैवल्स एजेंसी, टेकनपुर स्थित श्रीराम एमपी ऑनलाइन, बहोडापुर स्थित एजेंसी पर की। साथ ही एजेंटो को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

क्यों नहीं मिलती कंफर्म बर्थ
एजेंट कई फेक आईडी बनाकर रखते हैं। सुबह 10 बजे आम यात्रियों के लिए ऑनलाइन तत्काल टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होती है और 10.15 बजे से एजेंटस की आईडी खुलती है। करीब 11.15 बजे से स्लीपर के रिजर्वेशन टिकट एजेंट बना सकते हैं। इस 10 और 10.15 बजे के बीच में ही एजेंट फेक  आईडी से धड़ाधड़ टिकट बुक करते हैं। इसके लिए हाई स्पीड इंटरनेट का इस्तेमाल होता है। जब-तक यात्रियों का कर्सर घूमता है, तब-तक ये लोग कई टिकट बुक कर चुके होते हैं। इसी वजह से यात्रियों कंफर्म बर्थ नहीं मिल पाती है।

फर्जी सॉफ्टवेयर से वेबसाइट हैक 
जानकारी अनुसार तत्काल टिकट के समय ये एजेंट फर्जी सॉफ्टवेयर से IRCTC वेबसाइट हैक कर तत्काल टिकट का धांधली करते हैं। इसी को पकड़ने के लिए आरपीएफ ने अभियान चलाया था।

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Posted By: Tanisk