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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आतंकी कैंपों को चुन-चुनकर बनाया निशाना, सेना ने पाकिस्तान के हर झूठ को सबूतों के साथ किया बेनकाब; देखें Photos

Published: Sun, 11 May 2025 08:20 PM (IST)Updated: Mon, 12 May 2025 12:19 AM (IST)

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमने जो भी तरीके और साधन चुने उनका दुश्मन के ठिकानों पर वांछित ...और पढ़ें

वायु ठिकानों, कमांड सेंटरों को सेना ने किया तबाह (फोटो: स्क्रीनग्रैब)
वायु ठिकानों, कमांड सेंटरों को सेना ने किया तबाह (फोटो: स्क्रीनग्रैब)

HighLights

  1. सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की खुली पोल
  2. पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को किया गया तबाह
  3. सेना ने वीडियो और तस्वीरें जारी कीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान के साथ सीजफायर के बाद आज तीनों सेनाओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई, जिसमें पड़ोसी मुल्क की सारी पोल पट्टी खुल गई। पाकिस्तान लगातार झूठ बोलता रहा कि उसे भारत की कार्रवाई में नुकसान नहीं पहुंचा है, लेकिन सेना ने सबूतों के साथ पाकिस्तान के हर झूठ को बेनकाब कर दिया।

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा, 'यह निर्णय लिया गया कि जहां चोट पहुंचे, वहां हमला किया जाए और इस दिशा में एक त्वरित, समन्वित, सुनियोजित हमले में हमने पूरे पश्चिमी मोर्चे पर इसके वायु ठिकानों, कमांड सेंटरों, सैन्य बुनियादी ढांचे, वायु रक्षा प्रणालियों को नष्ट कर दिया।'

तस्वीरों में देखिए पाकिस्तान को भारत की जवाबी कार्रवाई में कितना नुकसान पहुंचा...

एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा कि हमने जिन ठिकानों पर हमला किया, उनमें चकलाला, रफीक, रहीम यार खान शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि आक्रामकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद सरगोधा, भुलारी और जैकोबाबाद पर हमले किए गए। हमारे पास इन ठिकानों और अन्य जगहों पर हर सिस्टम को निशाना बनाने की क्षमता है।

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि इसने सीमा पार आतंकवादी परिदृश्य पर बहुत ही परिश्रमपूर्वक और सूक्ष्म स्तर पर कार्रवाई शुरू की तथा आतंकवादी शिविरों और प्रशिक्षण स्थलों की पहचान की। कई जगहें सामने आईं, लेकिन जैसे-जैसे हमने और विचार-विमर्श किया, हमें एहसास हुआ कि इनमें से कुछ आतंकी केंद्र अब मौजूद नहीं थे और हमसे प्रतिशोध के डर से पहले ही खाली कर दिए गए थे।

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि वहां 9 शिविर थे, जिनसे आप सभी परिचित हैं, तथा हमारी विभिन्न खुफिया एजेंसियों ने उसकी पुष्टि की। इनमें से कुछ PoJK में थे, जबकि कुछ अन्य पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित थे। लश्कर-ए-तैयबा का गढ़ मुरीदके जैसे नापाक स्थानों ने वर्षों से अजमल कसाब और डेविड हेडली जैसे कुख्यात लोगों को जन्म दिया है।

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा, 'उन 9 आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें यूसुफ अजहर, अब्दुल मलिक रऊफ और मुदासिर अहमद जैसे लक्ष्य शामिल थे, जो IC814 के हाईजैक और पुलवामा ब्लास्ट में शामिल थे।'

DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा नियंत्रण रेखा का भी उल्लंघन किया गया और हमारे दुश्मन की अनिश्चित और घबराई हुई प्रतिक्रिया, दुर्भाग्यवश बड़ी संख्या में नागरिकों, बसे हुए गांवों और गुरुद्वारों जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई।

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