Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    मैच के लिए तैयार नहीं था कोई देश... बांग्लादेश को भारत ने ही दिलाया था इंटरनेशनल टेस्ट खेलने का अधिकार

    By Shekhar JhaEdited By: Swaraj Srivastava
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 10:04 PM (IST)

    मुस्तफिजुर रहमान विवाद के बाद बांग्लादेश ने भारत में क्रिकेट खेलने से इनकार किया और IPL प्रसारण रोका। यह घटनाक्रम भारत के ऐतिहासिक सहयोग को नजरअंदाज क ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    भारत द्वारा अतीत में किए गए महत्वपूर्ण सहयोग और योगदान को नजरअंदाज कर रहा बांग्लादेश

    शेखर झा, जागरण, नई दिल्ली। तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को हटाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब काफी गंभीर रूप ले चुका है। पाकिस्तान के बाद अब बांग्लादेश ने भी भारत में क्रिकेट खेलने से इन्कार कर दिया है। इतना ही नहीं, दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आइपीएल के प्रसारण पर भी बांग्लादेश में रोक लगा दी गई है।

    इन घटनाओं के बीच ऐसा प्रतीत होता है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) भारत द्वारा अतीत में किए गए महत्वपूर्ण सहयोग और योगदान को नजरअंदाज कर रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने में भारत की भूमिका अहम रही है। भारत की मदद से ही बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले देश का दर्जा प्राप्त हुआ था।

    बांग्लादेश को मिला था टेस्ट खेलने का अधिकार

    वर्ष 2000 में उस समय के बीसीसीआई अध्यक्ष और आईसीसी प्रमुख जगमोहन डालमिया ने इसमें निर्णायक भूमिका निभाई थी। उन्होंने सर्वसम्मति से मतदान करवाकर बांग्लादेश को टेस्ट खेलने का अधिकार दिलाया और उसे टेस्ट स्टेटस पाने वाला दसवां देश बनाया। उस दौर में बांग्लादेश के साथ कोई भी बड़ी टेस्ट टीम खेलने को तैयार नहीं थी।

    इंग्लैंड ने भी सुरक्षा और अन्य कारणों का हवाला देकर बांग्लादेश के विरुद्ध टेस्ट खेलने से इन्कार कर दिया था। ऐसे हालात में भारतीय क्रिकेट टीम आगे आई और बांग्लादेश के साथ उसका पहला टेस्ट मैच खेलकर उसका औपचारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट में स्वागत किया। यह ऐतिहासिक टेस्ट मैच 10 से 13 नवंबर 2000 के बीच ढाका में खेला गया था, जिसमें भारत ने नौ विकेट से जीत हासिल की थी।

    1999 के वनडे विश्व कप से हुई थी शुरुआत

    बांग्लादेश क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय पहचान की शुरुआत 1999 के वनडे विश्व कप से हुई थी, जहां उसने पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट में हिस्सा लिया। स्काटलैंड के विरुद्ध पहली जीत और इसके बाद पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम को हराकर उसने सबको चौंका दिया।

    हालांकि, इन जीतों के साथ-साथ जगमोहन डालमिया का मजबूत समर्थन ही वह मुख्य कारण था, जिसने बांग्लादेश को टेस्ट क्रिकेट की दहलीज तक पहुंचाया। आज के हालात में उस ऐतिहासिक सहयोग को याद करना और समझना बेहद जरूरी है।