विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 17, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NATO को क्यों रास नहीं आ रही भारत-रूस की दोस्ती, ट्रेड में डाल रहा था रोड़ा; विदेश मंत्रालय ने दिया करारा जवाब

Published: Thu, 17 Jul 2025 07:26 PM (GMT+05:30)

India-Russia Trade भारत ने नाटो प्रमुख मार्क रट्टे की रूस के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंधों की धमकी का कड़ा ...और पढ़ें

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत अपने हितों के मुताबिक वैश्विक बाजारों से व्यापार करता है'। (फोटो सोर्स- पीटीआई)
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'भारत अपने हितों के मुताबिक वैश्विक बाजारों से व्यापार करता है'। (फोटो सोर्स- पीटीआई)

HighLights

  1. NATO ने भारत, चीन और ब्राजील को रूस के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंधों की धमकी दी थी।
  2. भारत ने इसे दोहरा मापदंड करार दिया है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत ने नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गनाइजेशन) के प्रमुख मार्क रट्टे की उस चेतावनी पर कड़ा रुख अपनाया है, जिसमें उन्होंने भारत, चीन और ब्राजील को रूस के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंधों की धमकी दी थी।

विदेश मंत्रालय ने इसे "दोहरे मापदंड" बताते हुए साफ कहा कि भारत अपनी जनता की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी भी दबाव में नहीं झुकेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हमने इस मुद्दे पर खबरें देखी हैं और हालात पर नजर रखे हुए हैं। हमारी प्राथमिकता अपनी जनता की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है, जो हमारे लिए सबसे अहम है।"

'हम अपने हितों के लिए वैश्विक बाजार में व्यापार करते हैं'

जायसवाल ने नाटो के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत अपने हितों के मुताबिक वैश्विक बाजारों से व्यापार करता है और मौजूदा हालात को ध्यान में रखता है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "हम इस मामले में दोहरे मापदंडों के खिलाफ चेतावनी देते हैं।"

यह बयान नाटो के उस दावे के जवाब में आया, जिसमें रट्टे ने कहा था कि रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर कड़े प्रतिबंध लग सकते हैं। रट्टे ने बुधवार को अमेरिकी कांग्रेस के सीनेटरों से मुलाकात के दौरान यह बयान दिया था।

भारत ने हमेशा से अपनी विदेश नीति में स्वतंत्रता और संप्रभुता को प्राथमिकता दी है। रूस के साथ भारत का व्यापारिक रिश्ता लंबे समय से चला आ रहा है, खासकर ऊर्जा क्षेत्र में। जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत वैश्विक बाजारों में उपलब्ध अवसरों और मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर अपने फैसले लेता है।

यह भी पढ़ें: 'AI प्लेन क्रैश की असली वजह बताएंगे', अहमदाबाद विमान हादसे पर AAIB का बड़ा बयान; कहा- इतनी जल्दी तो...