यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कब तक तैयार हो जाएगा भारत का अपना अंतरिक्ष स्टेशन? ISRO अध्यक्ष डॉ. वी नारायणन ने कर दिया खुलासा
इसरो अगले तीन साल में 27 नए सेटेलाइट लॉन्च करने की तैयारी में है। संगठन वी-20 क्लाइमेट सेटेलाइट को भी ...और पढ़ें

HighLights
- आईआईटी रुड़की में इसरो अध्यक्ष बोले- 2040 में भारतीय को चांद पर उतारने की योजना।
- अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत विश्व के पहले पांच देशों में शामिल, अब हम स्पेस लीडर बन रहे हैं।
जागरण संवाददाता, रुड़की। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव डॉ. वी नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश विश्व के पहले पांच देशों में शामिल हो गया है। हम न केवल अपने बल्कि दूसरे देशों के लिए भी सेटेलाइट तैयार कर रहे हैं।
भारत स्पेस लीडर बन रहा है। हमारी योजना वर्ष 2035 तक खुद का अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की है। साथ ही वर्ष 2040 में किसी भारतीय को चांद पर उतारने की योजना पर भी काम चल रहा है।
शुक्र के अध्ययन की तैयारी
इसरो चंद्रयान-4 पर भी काम कर रहा है। इसके अलावा शुक्र ग्रह के भी अध्ययन की तैयारी है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की में छठे भारतीय ग्रह विज्ञान सम्मेलन के शुभारंभ पर इसरो प्रमुख डॉ. वी नारायणन ने कहा कि भारत अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करने में सबसे आगे है। यह हमारे ग्रह मिशनों और अंतरिक्ष अन्वेषणों को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है।
20 देशों के लिए सेटेलाइट बना रहा भारत
इसरो वी-20 क्लाइमेट सेटेलाइट को तैयार कर रहा है। इसे 20 देशों के लिए बनाया जा रहा है। इसमें भारत की अहम भूमिका है। इसरो की आगामी योजनाओं को सामने रखते हुए डॉ. नारायणन ने कहा कि अंतरिक्ष योजना के तहत देश में अगले तीन वर्ष के दौरान 27 नए सेटेलाइट लांच करने की तैयारी है।
34 देशों को तकनीक दे रहा भारत
इसरो प्रमुख ने कहा कि हम अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी तकनीक 34 देशों को दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इसरो दो कमर्शियल रॉकेट भी लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक का लाभ आम आदमी तक पहुंचाया जाना चाहिए।
