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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India-Pakistan Ceasefire: भारत-पाक में सीजफायर के बाद आज होगी पहली वार्ता, DGMO की बातचीत का बदला समय

By Agency Edited By: Mahen Khanna
Published: Mon, 12 May 2025 01:40 PM (GMT+05:30)

India-Pakistan Ceasefire भारत और पाकिस्तान में सीजफायर की घोषणा के बाद तनाव में कमी आई है। सीजफायर के बाद आज ...और पढ़ें

India-Pakistan Ceasefire भारत-पाक के डीजीएमओ सीजफायर को लेकर चर्चा करेंगे। (फोटो- जागरण)
India-Pakistan Ceasefire भारत-पाक के डीजीएमओ सीजफायर को लेकर चर्चा करेंगे। (फोटो- जागरण)

एजेंसी, नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान में सीजफायर की घोषणा के बाद दोनों देशों में तनाव कम हो गया है। आज सीजफायर के बाद दोनों देशों के डीजीएमओ आज वार्ता करेंगे। दोनों डीजीएमओ (DGMO) सीजफायर को लेकर चर्चा करेंगे।

वार्ता में हुई देरी

सैन्य अभियानों के प्रमुखों (India Pakistan DGMO talks) के बीच वार्ता में कुछ घंटों की देरी होने की संभावना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, बैठक जो पहले दोपहर 12 बजे होनी थी, वो अब दोपहर ढाई बजे होगी। वहीं, न्यूज एजेंसी रायटर ने भी कहा कि यह थोड़ी देर में होने की उम्मीद है।

रायटर ने भारतीय सेना के हवाले से बताया है कि बातचीत में भले देरी हुई है लेकिन शाम तक डीजीएमओ के बीच वार्ता तय है।

पाक ने लगाई शांति की गुहार

बता दें कि आठ एयर बेस नष्ट होने के बाद पाकिस्तान को अहसास हुआ कि भारत का इरादा कितना गंभीर है। भारत की सैन्य कार्रवाई से सहमे पाकिस्तान ने इसके बाद ही संघर्ष खत्म करने और शांति बहाल करने की गुहार लगाई। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं थी।

वास्तव में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को फोन करके बताया कि भारतीय मिसाइलों से हमला किए जाने के बाद पाकिस्तानियों को संदेश मिल गया है। यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे को कमजोर करती है कि अमेरिकी मध्यस्थता से शांति आई है। अधिकारियों ने कहा कि वैसे भी ट्रंप अतिशयोक्ति के आदी हैं।

कैसे बनी थी संघर्ष विराम को लेकर सहमति?

अधिकारियों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच संघर्ष विराम को लेकर सहमति बनी और इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था। भारत ने वायु रक्षा प्रणालियों से लेकर रडार ठिकानों और पाकिस्तानी सेना के कमान सेंटरों तक आठ प्रमुख प्रतिष्ठानों पर सटीक हमले किए। इससे इस्लामाबाद को नई दिल्ली से शत्रुता समाप्त करने का आग्रह करने पर मजबूर होना पड़ा।

नौ और 10 मई की रात को उधमपुर, पठानकोट और आदमपुर में वायु सेना स्टेशनों सहित 26 भारतीय ठिकानों पर पाकिस्तानी हमले की कोशिश के जवाब में भारत ने यह कार्रवाई की। भारतीय सशस्त्र बलों ने शनिवार सुबह रफीकी, मुरीद, चकलाला, रहीम यार खान, सुक्कुर और चुनियन सहित कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर भीषण जवाबी हमला किया। पसरूर और सियालकोट विमानन बेस में रडार ठिकानों को भी सटीक हथियारों से निशाना बनाया गया, जिससे भारी नुकसान हुआ।

पाकिस्तानी प्रतिष्ठानों पर भारत के हमलों के बाद पाकिस्तान ने शत्रुता समाप्त करने का अनुरोध किया और उसके डीजीएमओ ने अपने भारतीय समकक्ष को फोन किया।

समाचार एजेंसी एएनआई और रायटर के इनपुट के साथ

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