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INDIA Opposition Protest Live: 'संसद में 2-3 युवाओं ने धुआं फैलाया और BJP के सांसद भाग गए', इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में बोले राहुल गांधी

भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) ब्लॉक के नेता शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में 146 विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए गए संसद के शीतकालीन सत्र से निलंबित सांसद सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही आज कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी जिला मुख्यालयों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का भी कार्यक्रम तय किया गया है।

By Jagran News Edited By: Siddharth ChaurasiyaPublished: Fri, 22 Dec 2023 10:48 AM (IST)Updated: Fri, 22 Dec 2023 12:04 PM (IST)
INDIA ब्लॉक के नेता शुक्रवार को दिल्ली में 146 विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे

एएनआई, नई दिल्ली। INDIA Bloc Nationwide Protest LIVE: भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (I.N.D.I.A) ब्लॉक के नेता शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में 146 विपक्षी सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए गए संसद के शीतकालीन सत्र से निलंबित सांसद सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

साथ ही आज कांग्रेस पार्टी की ओर से सभी जिला मुख्यालयों पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का भी कार्यक्रम तय किया गया है। निलंबित सांसदों में शामिल कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि I.N.D.I.A ब्लॉक का शुक्रवार का विरोध सभी राज्यों में किया जाएगा।

उन्होंने कहा, "विरोध करना उचित है और हम सभी दिल्ली में जंतर मंतर पर होंगे। I.N.D.I.A गठबंधन का विरोध कल (शुक्रवार) सुबह सभी राज्यों में होगा, क्योंकि हम जनता को दिखाना चाहते हैं कि क्या वे इस तरह से संसद चलाएंगे और विपक्ष की बात नहीं सुनेंगे तो वे लोकतंत्र को बर्बाद कर देंगे।"

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जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन में ये सांसद हो रहे शामिल

एनडी गुप्ता, संदीप पाठक, संत बलबीर सीसेवाल और संजीव अरोड़ा सहित आम आदमी पार्टी के सांसद आज I.N.D.I.A ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। कुल 146 सांसद - लोकसभा से 100 और राज्यसभा से 46 - वर्तमान में दोनों सदनों में हंगामा करने और कार्यवाही में बाधा डालने के लिए निलंबित हैं, जबकि वे संसद सुरक्षा उल्लंघन के बारे में केंद्रीय मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहे थे।

सदन में हंगामे को लेकर उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा के 262वें सत्र के समापन के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि उन्हें यह बताते हुए दुख हो रहा है कि टाले जा सकने वाले व्यवधानों के कारण उच्च सदन के लगभग 22 घंटे बर्बाद हो गए। राज्यसभा सभापति ने कहा, "मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि टाले जा सकने वाले व्यवधानों के कारण लगभग 22 घंटे बर्बाद हो गए, जिससे हमारी कुल उत्पादकता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।"

उपराष्ट्रपति धनखड़ ने सभी को क्रिसमस और नव वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा, "मैं आशवस्त हूं कि केवल मैं ही नहीं बल्कि बहुत ऐसे लोग हैं जिन्हें इस बात की उम्मीद है कि 2024 समग्र राष्ट्र निर्माण में बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही सदन भी सकारात्मक रोल अदा करता रहेगा।"

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इससे पहले गुरुवार को जब लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चल रही थी, तब निलंबित सांसदों ने विपक्षी सांसदों के थोक निलंबन के विरोध में संसद भवन से विजय चौक तक मार्च निकाला। विरोध मार्च में हिस्सा लेते हुए सीपीआई (एम) के जॉन ब्रिटास ने कहा, केंद्र को अब यह कहने के लिए संविधान में संशोधन करना चाहिए कि भारत एक राजशाही है।

उन्होंने एएनआई से बात करते हुए कहा, "हम लोकतंत्र की क्रूर हत्या के खिलाफ विरोध कर रहे हैं; लोकतंत्र की हत्या कर दी गई है। आप केंद्रीय गृह मंत्री को एकतरफा देख सकते हैं। यह विपक्ष-मुक्त संसद है। उन्हें (केंद्र) अब यह कहने के लिए संविधान में संशोधन करना चाहिए कि भारत एक राजशाही देश है।"

विपक्षी दलों का राष्ट्रव्यापी विरोध-प्रदर्शन LIVE:

  • 146 सांसदों के निलंबन पर इंडिया ब्लॉक पार्टियों के विरोध पर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, "...हम अब अपनी चिंताओं को उठाने के लिए जनता के पास जा रहे हैं।"
  • सांसदों के सामूहिक निलंबन पर INDIA ब्लॉक के विरोध पर दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अरविंदर सिंह लवली ने कहा, "जिस तरह से लोकतंत्र की हत्या की जा रही है वह हमारे देश पर एक धब्बा है। अगर कोई सांसद संसद के बाहर कोई मुद्दा उठाता है, तो ईडी नोटिस देती है। अगर कोई सांसद संसद में कोई मुद्दा उठाता है तो स्पीकर सांसद को सदन से निलंबित कर देता है।"
  • सांसदों के सामूहिक निलंबन को लेकर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
  • जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा, "क्या कभी इतने सारे सांसदों को निलंबित किया गया है? हमने केवल गृह मंत्री से बयान की मांग की थी।"
  • जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक ने सांसदों के निलंबन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान गुरुवार को कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा, "संसद सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है। 700 से अधिक सांसद प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं... सरकार को सांसदों को निलंबित करने और सरकार चलाने का कोई अधिकार नहीं है। यह सरकार पूरी तरह से तानाशाही और अलोकतांत्रिक है..."
  • सांसदों के सामूहिक निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध पर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने कहा, "विरोध करने के कई तरीके हैं। इसलिए यहां, हम एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं।"
  • सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन: कांग्रेस नेता मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने कहा, "संसद के सदस्यों को निलंबित किया जाता है, यह लोकतंत्र नहीं है। 5 या 6 ठीक हैं लेकिन लगभग 150 सदस्यों को निलंबित करना लोकतंत्र नहीं है। यह संदेश लोगों तक पहुंचना चाहिए , अगर सभी सांसद बाहर रहेंगे तो संसद कैसे चलेगी?...ऐसा कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। एक सांसद को अपनी बात रखने का विशेषाधिकार है...।"
  • सांसदों के बड़े पैमाने पर निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "दुनिया में लोकतंत्र के इतिहास में 146 सांसदों को कभी निलंबित नहीं किया गया है... लोगों को पता होना चाहिए कि लोकतंत्र खतरे में है। यह विरोध लोगों को बताने के लिए है कि जो कुछ भी हो रहा है वह देश के भविष्य के लिए गलत है... इसका एक ही समाधान है, लोगों को इस सरकार को बदलना चाहिए और इंडिया अलायंस को सत्ता में लाना चाहिए..."
  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार और भारतीय पार्टियों के नेताओं ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सांसदों के सामूहिक निलंबन के खिलाफ 'लोकतंत्र बचाओ' विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
  • सांसदों के बड़े पैमाने पर निलंबन के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के विरोध पर कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, "विपक्ष की ओर से गृह मंत्री से बयान मांगना स्वाभाविक था... लेकिन सरकार हमारे अनुरोध पर ध्यान नहीं देने पर अड़ी हुई थी, इसलिए संसद के भीतर विरोध प्रदर्शन हुए। सरकार की प्रतिक्रिया विपक्ष के 146 सदस्यों को निलंबित करना और कानून लागू करना था, जिसके भारत में लोगों के दैनिक जीवन पर दूरगामी परिणाम होंगे... सरकार एक संसद बनाना चाहती है जो बिना किसी चर्चा के केवल उनके सभी कानूनों पर मुहर लगाने वाला सदन होगा... इसलिए वे चाहते हैं कि संसद बिल्कुल चीन या उत्तर कोरिया की तरह हो... यह संसदीय प्रणाली में लोगों के विश्वास के साथ विश्वासघात है। हम इसे उजागर करना चाहते हैं और उन्हें बताना चाहते हैं कि संसद में जो हो रहा है वह भारत के लिए अच्छा नहीं है..."
  • दिल्ली के जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए हम कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं..."
  • जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के राहुल गांधी ने कहा, "2-3 युवक संसद में घुसे और धुआं छोड़ा। इस पर बीजेपी सांसद भाग गए। इस घटना में सुरक्षा उल्लंघन का सवाल है, लेकिन एक और सवाल है। आखिर उन्होंने इस तरह से विरोध क्यों किया? इसका जवाब है देश में बेरोजगारी।"
  • जंतर-मंतर पर विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर राहुल गांधी ने कहा, "मीडिया ने देश में बेरोजगारी के बारे में बात नहीं की, लेकिन राहुल गांधी ने संसद के बाहर बैठे निलंबित सांसदों का वीडियो बनाया तो उसके बारे में बात की।"
  • जंतर-मंतर पर इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "हमारे संविधान के तहत, हर किसी को बोलने का अधिकार है। जब हम (संसद में) नोटिस देते हैं तो हमें नोटिस पढ़ने का मौका भी नहीं दिया जाता है। क्या मुझे यह कहना चाहिए?"
  • उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार एक दलित को बोलने नहीं दे रही है? आप हमारे बोलने का अधिकार नहीं छीन सकते। यह आजादी हमें जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी ने दी थी। आप विपक्षी सांसदों को निलंबित करते हैं और निर्विरोध कानून पारित करते हैं..हमें एक साथ लड़ना होगा।"


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