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    Trump के टैरिफ वॉर पर भारत की दो टूक, केंद्र ने कहा- 'अभी नहीं हुआ कोई समझौता'

    Trump Tariff War News विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने चीन और यूरोप के साथ भारत के संबंधों के बारे में समिति के सदस्यों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व चीन में ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध का निर्माण भारत के लिए चिंता का विषय है क्योंकि चीन ने अपने योजना परिव्यय में इसके विकास के लिए धनराशि निर्धारित की है।

    By Jagran News Edited By: Narender Sanwariya Updated: Mon, 10 Mar 2025 11:01 PM (IST)
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    पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप (Photo - Reuters)

    पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने सोमवार को विदेश मामलों की संसदीय समिति को बताया कि भारत व अमेरिका के बीच वार्ता अभी भी जारी है और अभी तक व्यापार शुल्कों पर कोई समझौता नहीं हुआ है।

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    दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पर वार्ता

    समिति के कई सदस्यों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे पर चिंता व्यक्त की कि भारत शुल्क घटाने पर सहमत हो गया है। इस पर बर्थवाल ने कहा कि किसी को भी अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर भरोसा नहीं करना चाहिए क्योंकि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता अभी भी जारी है। भारत ने व्यापार शुल्कों पर अमेरिका से कोई प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं की है।

    भारत मुक्त और उदार व्यापार के पक्ष में

    सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य सचिव ने यह भी कहा कि व्यापार वार्ताओं के दौरान देश के हितों का ध्यान रखा जाएगा। भारत मुक्त और उदार व्यापार के पक्ष में है जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने में मदद मिलेगी। टैरिफ वॉर से अमेरिका समेत किसी भी देश को फायदा नहीं होगा, बल्कि इससे मंदी आ सकती है।

    अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं

    कुछ सदस्यों ने जब सवाल किया कि कनाडा और मेक्सिको की तरह भारत शुल्कों के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद क्यों नहीं कर रहा है, तो वाणिज्य सचिव ने कहा कि दोनों देशों से कोई तुलना नहीं हो सकती क्योंकि उनके साथ अमेरिका की सुरक्षा चिंताएं एवं सीमा आव्रजन के मुद्दे हैं।

    घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण

    बर्थवाल ने कहा कि भारत पारस्परिक लाभ के समझौते पर हस्ताक्षर करेगा और उन उद्योगों को संरक्षित करेगा जो उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि विकासशील देश हर चीज पर शुल्क कम नहीं कर सकते। भारत पारस्परिक व द्विपक्षीय तरीके से शुल्कों में कमी कर सकता है, लेकिन बहुपक्षीय रूप से नहीं, इसीलिए द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर वार्ता हो रही है।

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