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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Operation Sindoor: आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई होगी और मजबूत, यूएई और जापान से भारत को मिला समर्थन

Published: Thu, 22 May 2025 10:51 PM (IST)

भारतीय दलों ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए जापान और यूएई को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ ...और पढ़ें

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े हैं जापान और यूएई। (फोटो- एएनआई)
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़े हैं जापान और यूएई। (फोटो- एएनआई)

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पाकिस्तान की पोल खोलने गए भारतीय दलों को जापान और यूएई ने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हम भारत के साथ खड़े हैं। दोनों देशों ने आतंकवाद की निंदा की और इसे पूरी मानवता के खिलाफ बताया।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद विदेशी सरकारों को आतंकवाद के साथ पाकिस्तान के पुराने रिश्ते के बारे में जानकारी देने के लिए गठित भारतीय सांसदों का दल गुरुवार को जापान और यूएई पहुंच गया। जदयू सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व वाले दल ने जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया से मुलाकात की और उन्हें पहलगाम हमले से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के तहत उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।

भारत का पुराना रणनीतिक साझेदार है जापान

जापान भारत का पुराना रणनीतिक साझेदार देश है। विदेश मंत्री इवाया ने ना सिर्फ पहलगाम हमले की एक बार फिर बेहद कड़े शब्दों में निंदा की, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति अपना समर्थन भी व्यक्त किया।

आतंक के प्रति भारत अपनाता है जीरो टॉलरेंस नीति

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जापान के समक्ष यह स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के प्रति जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाता है और आतंकवादियों तथा उनका समर्थन करने वालों में कोई भेद नहीं करता। यह भी उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ही भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी जापान पहुंचे और वहां के उप विदेश मंत्री ताकेहारी फुनाकोशी और एनएसए मासाताका ओकानो से अलग-अलग मुलाकात की।

उधर, शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत एकनाथ शिंदे की अगुआई वाली दूसरी टीम यूएई पहुंची। वहां उनकी मुलाकात यूएई के सहिष्णुता और सहअस्तित्व मंत्री शेख नाहयान मबारक अल नाहयान से हुई। इस दल में बांसुरी स्वराज, मोहम्मद बशीर, अतुल गर्ग, सस्मित पात्रा, मनन कुमार मिश्रा, सुरेंद्रजीत सिंह अहलूवालिया और पूर्व राजदूत सुजन चिनाय शामिल हैं।

पहलगाम हमले के पीछे की साजिश के बारे में दी जानकारी

इस दल ने पहलगाम हमले के पीछे की साजिश के बारे में यूएई के मंत्री को बताया। यहां बताया गया कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान की मंशा भारत में समाजिक वैमनस्य फैलाना था। शेख नाहयान ने कहा कि भारत और यूएई आतंकवाद के खिलाफ हमेशा एक साथ हैं। भारतीय दल ने बाद में यूएई फेडरल नेशनल काउंसिल के विदेशी मामलों की समिति के अध्यक्ष डॉ. अली रशीद अल नुआमी से भी मुलाकात की।

भारत कुल सात संसदीय दल को दुनिया के 33 देशों की यात्रा पर भेज रहा है। हर दल चार-पांच देशों की यात्रा पर जा रहा है। उक्त दल किन देशों की यात्रा पर जाएगा, इसका चयन भी सोच-समझकर किया गया है। इनमें मुख्य तौर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मौजूदा अस्थायी सदस्यों व निकट भविष्य में अस्थायी सदस्य बनने वाले देशों को शामिल किया गया है। साथ ही परिषद के पांच में चार स्थायी सदस्य देशों की यात्रा पर भी भारतीय सांसदों का दल जा रहा है।

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