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    34000 जॉब्स-42 हजार करोड़ का निवेश: यूपी-हरियाणा समेत इन राज्यों को मिलेगा फायदा; 22 प्रस्तावों को मंजूरी

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 07:46 PM (IST)

    इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत सरकार ने 22 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इससे 41,863 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 2 ...और पढ़ें

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    इस निवेश से प्रत्यक्ष तौर पर 34,000 नए रोजगार का सृजन होगा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्यूफैक्चरिंग स्कीम (ईसीएमएस) के तहत सरकार ने 22 नए प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे पहले इस स्कीम के तहत 24 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। शुक्रवार को इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक नए 22 प्रस्ताव के तहत 41,863 करोड़ रुपए के निवेश किए जाएंगे जिससे 2,58,152 करोड़ मूल्य के उत्पादन होने की उम्मीद है।

    इस निवेश से प्रत्यक्ष तौर पर 34,000 नए रोजगार का सृजन होगा। देश के विभिन्न राज्यों में इस प्रस्ताव के तहत मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी। इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश जैसे राज्य शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स के घरेलू निर्माण से इन आइटम के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी।

    वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी

    वहीं इन आइटम की वैश्विक सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। भारत सालाना 28 अरब डॉलर से अधिक के इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का आयात करता है। इसमें प्रिंटेड सर्किट बोर्ड (पीसीबी) भी शामिल है।मंत्रालय के मुताबिक नए 22 प्रस्ताव की मंजूरी के तहत मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग, टेलीकॉम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी हार्डवेयर से जुड़े कंपोनेंट्स भारत में बनाए जाएंगे।

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    घरेलू व विदेशी दोनों प्रकार की कंपनियों को घरेलू स्तर पर इन कंपोनेंट्स के निर्माण की मंजूरी दी गई है। इनमें टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स व सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी कंपनियां भी शामिल है। सैमसंग इलेक्ट्रानिक्स मोबाइल फोन के निर्माण से जुड़े कैमरा मोड्यूल और डिस्प्ले मोड्यूल का उत्पादन अब भारत में करेगी।

     

    देश में पीसीबी का निर्माण करेंगी कंपनियां

    इंडिया सर्किट प्राइवेट लिमिटेड, वाइटल इलेक्ट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड, सिगनम इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड, बीपीएल लिमिटे़ड जैसी कंपनियां देश में पीसीबी का निर्माण करेंगी। डिजिटल एप्लीकेशंस से जुड़ी लियोन सेल के निर्माण के लिए एटीएल बैट्री टेक्नोलाजी प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। प्रस्ताव के तहत डिक्सन इलेक्ट्रोकनेक्ट भारत में आप्टिकल ट्रांससिवर का निर्माण करेगी।

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    प्रस्ताव के तहत उत्तर प्रदेश में एचडी पीसीबी व डिस्प्ले मोड्यूल व कैमरा मोड्यूल का निर्माण किया जाएगा। मंत्रालय का कहना है कि कंपोनेंट्स प्रस्ताव की मंजूरी के दौरान सभी राज्यों के विकास का ध्यान रखा गया। कंपोनेंट्स निर्माण में तेजी से भारत इलेक्ट्रानिक्स मैन्यूफैक्चरिंग का वैश्विक हब बन सकेगा। अभी मुख्य रूप से मोबाइल फोन का निर्माण भारत में किया जाता है।