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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रक्षा मंत्रालय ने 2025 को 'सुधारों का वर्ष' किया घोषित, सेना में हो सकते हैं ये अहम बदलाव

Published: Wed, 01 Jan 2025 03:54 PM (IST)

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में नए साल 2025 को रक्षा सुधारों का वर्ष ...और पढ़ें

रक्षा मंत्रालय ने 2025 को 'सुधारों का वर्ष' किया घोषित (फाइल फोटो- पीटीआई)
रक्षा मंत्रालय ने 2025 को 'सुधारों का वर्ष' किया घोषित (फाइल फोटो- पीटीआई)

HighLights

  1. नए साल 2025 को रक्षा मंत्रालय ने सुधारों का वर्ष घोषित किया है।
  2. रक्षा मंत्रालय थिएटराइजेशन मॉडल पर विचार करने की तैयारी में है।
  3. ये साल सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

पीटीआई, नई दिल्ली। साल 2025 की शुरुआत बुधवार से हो गई। नए साल के आगमन के साथ लोगों की कई उम्मीदें भी जुड़ गई हैं। इस बीच भारत ने इस साल को रक्षा सुधारों का वर्ष घोषित किया और कहा कि इसका उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच तालमेल को मजबूत करने और सेना को तकनीकी रूप से उन्नत युद्ध के लिए तैयार बल में बदलने के लिए एकीकृत थिएटर कमांड को शुरू करना होगा।

दरअसल, रक्षा मंत्रालय द्वारा नियोजित सुधारों का व्यापक उद्देश्य रक्षा अधिग्रहण प्रक्रियाओं को आसान और समय के प्रति संवेदनशील बनाना, प्रमुख हितधारकों के बीच गहन सहयोग सुनिश्चित करना, अक्षमताओं को खत्म करना और संसाधनों के उपयोग को अनुकूलित करना होगा।

भारत को मजबूत करने की दिशा में होगा काम

केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस साल सुधार रक्षा तैयारियों में अभूतपूर्व प्रगति की नींव रखेंगे और 21वीं सदी की चुनौतियों के बीच भारत की सुरक्षा और संप्रभुता सुनिश्चित करेंगे। रक्षा मंत्रालय का थिएटर कमांड पर लक्ष्य कई मायनों में महत्वपूर्ण है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसने 2025 में सुधार उपाय का अनावरण करने की योजना का संकेत दिया है।

बता दें कि थिएटराइजेशन मॉडल के अंतर्गत सरकार थल सेना, वायु सेना और नौसेना की क्षमताओं को एक साथ लाना चाहती है, जिससे युद्ध के दौरान और सैन्य अभियानों के दौरान उनके संसाधनों का अनुकूल प्रयोग किया जा सके। थिएटराइजेशन योजना के तहत सभी थिएटर कमांड में सेना, नौसेना और वायु सेना की सभी इकाइयां होंगी साथ ही वे सभी एक भौगोलिक क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए एक इकाई के रूप में काम करेंगी। वर्तमान स्थिति में थलसेना, नौसेना और वायुसेना अलग-अलग कमान के साथ काम करती हैं।

रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

  • राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में 2025 को सुधारों का वर्ष मानने का लक्ष्य रखा गया है।
  • रक्षा मंत्रालय का कहना है कि 2025 में साइबर और अंतरिक्ष जैसे नए क्षेत्रों, एआई, मशीन लर्निंग, हाइपरसोनिक और रोबोटिक्स जैसी उभरती तकनीकों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • केंद्रीय रक्षा मंत्री ने कहा कि सुधारों का वर्ष सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण की यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
  • मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा और भविष्य के सुधारों को गति देने के लिए, सर्वसम्मति से 2025 को 'सुधारों का वर्ष' के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।

एकीकरण पहल को मिलेगी मजबूती

राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि सुधारों का उद्देश्य संयुक्तता और एकीकरण पहल को और मजबूत करना तथा एकीकृत थिएटर कमांड की स्थापना को सुगम बनाना होना चाहिए। इसी के साथ इस बात पर सहमति हुई कि भविष्य के युद्धों को जीतने के लिए आवश्यक संबद्ध रणनीति, तकनीक और प्रक्रियाएं भी विकसित की जानी चाहिए।

इस बैठक में अंतर-सेवा सहयोग और प्रशिक्षण के माध्यम से परिचालन आवश्यकताओं और संयुक्त परिचालन क्षमताओं की साझा समझ विकसित करने का भी आह्वान किया गया। इसके अलावा इसमें अधिग्रहण प्रक्रियाओं को सरल और समय-संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया, ताकि तेज और मजबूत क्षमता विकास को सुविधाजनक बनाया जा सके।

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