नई दिल्ली (जेएनएन)। कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी दुनिया अन्‍य देशों में हो रहे शोधकार्यों पर लगातार निगाह बनाए हुए है। अन्‍य देशों में होने वाले वाले शोध को लेकर भी लगातार प्रयोग चल रहे हैं। ऐसा ही एक शोध सेरो सर्वेक्षण को लेकर सामने आया है। इस सर्वेक्षण के रिजल्‍ट स्‍पेन में काफी बेहतर आए हैं। यही वजह है कि अमेरिका और भारत ने भी इसी तरह का कदम उठाने का फैसला लिया है। इस सर्वेक्षण के तहत लोगों के रक्त के सीरम का परीक्षण किया जाता है। इसके जरिए यह जाना जाता है कि उनमें कोरोना वायरस की एंटीबॉडी है या नहीं। इससे यह भी जानने में मदद मिलती है कि कोई संक्रमित व्यक्ति ठीक हो रहा है या नहीं। स्‍पेन का ये सर्वेक्षण दुनिया के कई देशों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गारतलब है कि मरीज के शरीर में किसी बीमारी से लड़ने वाली एंटीबॉडी सामान्यत: संक्रमण के दो हफ्ते बाद बननी शुरू होती हैं जो कई माह तक रक्त में रहती हैं। ऐसे में गंभीर संक्रमण का पता लगाने में आईजीजी एलिसा जांच उपयोगी नहीं है, लेकिन इस सर्वेक्षण से यह पता चल जाएगा कि मरीज को पूर्व में कोरोना हुआ था या नहीं। ये सर्वेक्षण इस बात का पता लगा सकेगा कि देश की कितनी आबादी इस जानलेवा वायरस की चपेट में आई है। साथ ही ये भी पता चल सकेगा कि कोरोना संक्रमित मरीजों का बढ़ता आंकड़ा कहां पर जाकर थमेगा। साथ ही वैज्ञानिकों को ये भी जानकारी हासिल हो सकेगी कि ये संक्रमण बाहर से फैल रहा है या आस-पास से अधिक तेजी से फैल रहा है।

स्पेन में देशव्यापी तौर पर किए गए सेरो सर्वेक्षण (Serology Study) के परिणामों को अब जारी कर दिया गया है। इसके मुताबिक सबसे पहले 60,000 निवासियों के एंटीबॉडी का परीक्षण किया गया था। इसमें पता चला की स्पेन की पांच फीसदी आबादी कोरोना की चपेट में आई थी। 2.83 लाख की बजाय आठ गुना यानी 24 लाख लोगों को संक्रमण हुआ था। रिपोर्ट के खुलासे के बाद स्पेन ने दो माह में 50 लाख संक्रमितों के हिसाब से तैयारी शुरू कर दी है। स्पेन ने इस सर्वेक्षण से लाखों जान बचाने में सफल रहा है।

अब भारत और अमेरिका भी युद्ध स्तर पर सेरो-सर्वेक्षण करने जा रहे हैं। अब भारत के हर जिले में इस सर्वेक्षण को कराने की तैयारी है। आईसीएमआर की तरफ से भी इसको हरी झंडी दे दी गई है। इससे पहले 70 जिलों में लक्षण नहीं होने के बावजूद लोगों का औचक परीक्षण किया जा चुका है। इस संबंध में रिपोर्ट अगले हफ्ते के अंत तक जारी की जाएगी। जहां तक अमेरिका की बात है तो अमेरिका ने इसके लिए जरूरी किट भी खरीद ली है। माना जा रहा है कि इस माह में अमेरिका छह से दस करोड़ एंटीबॉडी टेस्ट करेगा।

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Posted By: Kamal Verma

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