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    ट्रैफिक, प्रदूषण, जिम और शराब... 2026 के वो 26 वादे, जिसे पूरा करने से बेहतर होगा साल

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 05:53 PM (IST)

    आज हम आपको 2026 के उन 26 वादों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें अमेरिकी वीजा की मुश्किलें, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, शोर, महिलाओं की सुरक्षा और आवास क ...और पढ़ें

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    2026 में भारत के लिए 26 बड़े वादे और समाधान

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है। यह साल भारतीयों के लिए नई उम्मीदें और पुरानी समस्याओं का सामना लेकर आया है। अमेरिकी वीजा की मुश्किलों से लेकर ट्रैफिक जाम, प्रदूषण, शोर, सुरक्षा और महिलाओं की आजादी तक 26 ऐसे मुद्दे हैं, जिसका 2026 में समाधान जरूरी है। आइए जानते हैं 2026 के उन 26 वादों के बारे में जो बेहतर भारत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

    2026 के 26 वादे...

    अमेरिकी वीजा
    साल 2025 अमेरिका में शिक्षा के लिए दर्दनाक रहा। बैंक लोन की व्यवस्था करने के बाद, उन्हें वीजा अपॉइंटमेंट मुश्किल से मिले और रिजेक्शन रेट ज्यादा थे। वे पूरी ट्यूशन फीस देते हैं और अमेरिकी छात्रों को सब्सिडी देते हैं, इसलिए अमेरिकी पब्लिक यूनिवर्सिटीज को भी नुकसान हो रहा है। उम्मीद है कि 2026 में इससे निजात मिले।

    सरकार
    हमारे पास बहुत सरकार और बहुत सारे विभाग हैं, जो एक एक-दूसरे के विपरीत काम कर रहे हैं। एक सड़क खोदता है, दूसरे को उसे समतल करना होता है, लेकिन वह नहीं करता। लेकिन सरकार को जिस चीज की जरूरत है पुलिस, फायर सर्विस, शिक्षक - वहां उनकी कमी है। जिसे अब पूरी करने की जरुरत है।

    नियमों में बदलाव
    भारत में बहुत सारे पुराने और नए कानून हैं, जिन्हें रखने की जरूरत नहीं है। इसलिए इसे अब हटाने का समय आ गया है। इसकी जगह अच्छे कानूनों को लागू करने पर ध्यान दिया जाए।

    ट्रैफिक
    भारत सड़कें और फ्लाईओवर बनाकर ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करने की कोशिश जारी है। भारत का ट्रैफिक सिस्टम एक असुविधा से बढ़कर विकास पर एक मूलभूत बाधा बन गया है। इसे खत्म करने के लिए सार्वजनिक परिवहन में निवेश करना ही एक मात्र विकल्प है।

    शोर
    भारत के ध्वनि प्रदूषण संकट पर नीतिगत चुप्पी हमें बहरा बना रही है। इससे हार्ट, बीपी के मरीजों को मुश्किल हो रही है। नए साल पर हमको ध्वनि प्रदूषण मुक्ति की जरुरत है।

    प्रदूषण
    दिल्ली, कोलकाता, मुंबई जैसे बड़े शहरों में AQI 300+ है। जिसके कारण यहां, हर कोई दिन में 30-30 सिगरेट पी रहा है। 2026 में लोगों को इस प्रदूषण से मुक्ति की विशेष आवश्यकता है।

    आग
    भारत के पास सुरक्षा मानक तो हैं, लेकिन इन्हें लागू करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है। यहां अस्पतलालों के अंदर लोगों के रहते हुए आग लग जाती है। इसमें सुधार के लिए । लापरवाह मालिकों को जेल भेजने की जरुरत है। क्योंकि, जहां जवाबदेही होती है, वहां नियमों का पालन भी होता है।

    शांति
    शांति हमारे दिमाग के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें 2026 में पार्क में घासों पर टहलने और धूप लेने के साथ-साथ कुछ देर शांति में बैठने पर विचार करना चाहिए।

    होमवर्क का बोझ
    एक दिन जनसंख्या गिरावट के लिए अर्थशास्त्री होमवर्क को जिम्मेदार ठहराएंगे। क्योंकि, स्कूल प्रोजेक्ट ज्यादा मुश्किल होते हैं। हमें इसमें सुधार की जरुरत है, ताकि बच्चों से होमवर्क कम कराया जाए और ज्यादा सीखाया जाए।

    महिलाओं की रातें
    जब महिलाएं रात को बिना डर के घर से बाहर नहीं निकल सकतीं, तो नुकसान सिर्फ उनकी नौकरी या पढ़ाई का नहीं होता। जो पुरुष सड़कों पर महिलाओं की जगह छीनते हैं, वे घर में भी उनकी जगह और सम्मान नहीं देते। घरेलू हिंसा और उत्पीड़न का सीधा संबंध है सार्वजनिक जगहों पर महिलाओं की असुरक्षा से है। इसलिए 2026 में हमें इन चीजों की जरुरत जब महिलाएं दिन हो या रात, कहीं भी आजादी से घूम सकें।

    हाउसफुल एहसास
    भारत में घरों की कीमतें आसमान छू रही हैं और सैलरी जमीन पर रेंग रही है। दो-दो इनकम होने के बावजूद भी एक मीडियम फैमिल EMI चुकाकर बमुश्किल गुजारा कर पाता है। अधिकांश लोग किराए के घरों में रह रहे हैं। 2026 में सरकार और नीति-निर्माताओं को हाउसिंग बबल पर गंभीरता से सोचना चाहिए, नहीं तो घर सिर्फ़ अमीरों की संपत्ति बनकर रह जाएगा।

    मैनेजर
    मिडिल मैनेजर क्या करते हैं? मीटिंग बुलाते हैं, ईमेल फॉरवर्ड करते हैं और इसे महत्वपूर्ण दिखते हैं। प्लान बनाना या लागू करना उनका नहीं काम नहीं है। 2026 में कंपनियों को लेयर कम करने चाहिए, बचत को कर्मचारियों की सैलरी या ग्राहकों को डिस्काउंट में देना चाहिए।

    प्रतिस्पर्धा
    2026 को बढ़ती प्रतिस्पर्धा का साल बनने दें। कंपनियों को टैलेंट के लिए लड़ने दें और अपने प्रोडक्ट्स की ताकत पर मुकाबला करने दें। भारत के लिए ज्यादा पेटेंट हों, ग्राहकों के लिए बेहतर सर्विस हो, और वे भारी डिस्काउंट भी मिलें।

    डिस्काउंट इंक
    खर्च करने वाले भारत की ग्रोथ को पावर देते हैं। ग्रोथ तेज करनी है तो लोगों को ज़्यादा खर्च करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। पूरे साल बड़े डिस्काउंट और ऑफर। जितना ज़्यादा बिकेगा, उतनी ही फैक्ट्रियां चलेंगी, उतना ही निवेश आएगा। कंपनियों के लिए डिस्काउंट सिर्फ सेल नहीं, विकास का ईंधन है।

    ज्यादा प्रोडक्टिविटी
    सबसे अच्छे आइडिया डेस्क पर नहीं, शॉवर में, सुबह की सैर पर या आधी नींद में आते हैं। नॉलेज इकोनॉमी में इंसान मशीन नहीं जो 12-14 घंटे लगातार चलें। इसलिए 2026 में जरुरत है कि हम कम समय में बेहतर काम पर फोकस करें। तभी हमें बड़ी सफलताएं मिल पाएंगी।

    चुनी हुई फैमिली
    सिर्फ अकेला होना ही अकेलापन नहीं है, आपको पास वो परिवार होना चाहिए, जहां घर जैसा लगे। सभी रिश्तेदार परिवार नहीं होते और सभी परिवार रिश्तेदार नहीं होते।

    स्क्वाट्स और वॉक
    जिम मेंबर्सिप बढ़ रही है? 2026 में फिटनेस के लिए मिनिमलिस्ट तरीका आजमाने की जरुरत है। बॉडीवेट स्क्वैट्स और रोजाना चलने जैसी बुनियादी गतिविधियों पर ध्यान दें।

    स्नैक्स सुधार
    बढ़ती मोटापा हमारे लिए बड़ी संकट है। मिडिल क्लास स्नैकिंग करके मोटापे की ओर बढ़ रहा है। इसलिए हमें स्वस्थ स्नैकिंग अपनानें की जरूरत है।

    कम खाएं बेहतर खाएं
    हम अधिक खाने से बेहतर होगा कि हम कम खाएं लेकिन पौष्टिक चीजें खाएं। मात्रा से ज्यादा गुणवत्ता का मतलब है कि आप फूड कोमा से बच सकते हैं। आप तभी ज्यादा खाएं, जब कमजोरी महसूस हो।

    नींद
    दिमाग और पेट दोनों ठीक करने के लिए हमें प्रतिदिन 8 घंटे सोने की जरुरत है। इससे पेट और दिमाग दोनों फिट रहेगा। आलसी बनकर 20 घंटे या फिर खुद को जिराफ बनकर 2 घंटे ना सोएं।

    कॉफी डेट्स
    कैफीन एक प्राकृतिक कीटनाशक है। हम पहले से ही कॉफी के दीवाने हैं। लेकिन 2026 में कीमतें 13% गिरने वाली हैं। ऐसे में हम अब बेझिझक कॉफी पी सकते हैं।

    स्क्रॉलिंग रोके
    अगर आपको रोजाना 4 घंटे रील्स देखने की आदत है, तो इसे 2026 में इसे कम करने की जरुरत है। नहीं तो इससे आंखों को नुकसान पहुंच सकता है।

    ग्लैमर
    घर से निकलने से पहले, शीशे में देखो और एक चीज हटा दो और यह पक्का करने के लिए तीन और चीजें जोड़ने की इच्छा के बीच का अंतर है कि लोग आपको नोटिस करें। सोशल मीडिया ने चमक की होड़ लगा दी है, लेकिन ग्लैमर इंस्टा फोटो के बारे में नहीं है। यह धीरे-धीरे और लंबे समय तक जलता है।

    शराब खुलेआम
    शराब की दुकानें छिपती हैं और बोतल चुपके दी जाती है। छिपी हुई शराब की दुकानें ऐसे छिपती हैं जैसे उन्होंने कुछ गलत किया हो, आपको एक बोतल ऐसे देती हैं जैसे कोई सीक्रेट जानकारी हो। एक बॉर्डर क्रास करते ही उसी बोतल की कीमत अलग होती है। 2026 में इस चोरी छिपे वाले काम को बंद करने की जरुरत है।

    उम्मीदें कम
    जिंदगी से ज्यादा उम्मीद मत रखें। प्लान A मिले या नहीं, B भी बुरा नहीं। 2026 में उन इन्फ्लुएंसर्स की ऊंची बातों से दूर रहें। जो आपकी उम्मीदों को आपकी परिस्थितियों से और दूर धकेल रहे हैं।

    संकल्प, नहीं रेजोल्यूशन
    नया साल का वादा कुछ ऐसा है जो आप 1 जनवरी को करते हैं कि मैं महफ्ते में तीन बार जिम जाऊंगा। चाहे मन करे या नहीं। लेकिन अब आपको संकल्प लेने की जरुरत है कि फिटनेस बनाने के लिए कैलेंडर की अनुमति की जरुरत नहीं है।