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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोवा के लोगों की दोहरी नागरिकता का मुद्दा सुलझाएगी सरकार

By Sanjay BhardwajEdited By:
Published: Wed, 29 Oct 2014 06:43 PM (IST)Updated: Wed, 29 Oct 2014 06:59 PM (IST)

करीब 50 हजार गोवावासियों का दोहरी नागरिकता का मामला जल्द ही सुलझ सकता है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए

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नई दिल्ली। करीब 50 हजार गोवावासियों का दोहरी नागरिकता का मामला जल्द ही सुलझ सकता है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए इस मामले का जल्द से जल्द हल ढूंढ़ने को कहा।

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक में राजनाथ ने गृह सचिव को जल्द से जल्द मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान ढूंढ़ने का आदेश दिया।

गोवा के मुख्यमंत्री ने बैठक में राजनाथ और सुषमा दोनों को राज्य की ताजा स्थिति से अवगत कराते हुए इस मामले से निपटने के सुझाव दिए।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 28 मार्च, 1962 को जारी अधिसूचना में नागरिकता कानून 1955 के अनुच्छेद 7 के तहत गोवा, दमन और दीव (नागरिकता) आदेश, 1962 में यह व्यवस्था दी थी कि वह हर व्यक्ति या उसके माता-पिता या उसके दादा-दादी में से किसी एक का जन्म 20 दिसंबर 1961 से पहले तत्कालीन गोवा केंद्र शासित प्रदेश, दमन और दीव में हुआ है तो उसे उसी दिन से भारत का नागरिक माना जाएगा बशर्ते इसके एक महीने के भीतर उस व्यक्ति ने लिखित रूप में यह न दे दिया हो कि वह 20 दिसंबर 1961 के पहले की नागरिकता को रखना चाहता है।

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