नई दिल्ली, आईएएनएस । अपने उम्दा कौशल और किफायती मानव संसाधन की बदौलत भारत विश्व शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। भारतीय प्रतिभाओं की बदौलत अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे देश शीर्ष पर बने रहने का सपना देखते हैं। भारतीयों की यही खूबी इन देशों में इनकी मांग बढ़ा रही है। ऑस्ट्रेलियन ब्यूरो ऑफ स्टैटस्टिक्स (एबीएस) की ताजा रिपोर्ट भी इस बात की पुष्टि कर रही है। यह बताती है कि पिछले पांच वर्षो में ऑस्ट्रेलिया में भारतीयों की संख्या दोगुनी हुई है। वहीं हिंदू वहां सर्वाधिक तेजी से बढ़ने वाला धर्म बन गया है।

सहायक बनी नीतियां

दोनों देशों के बीच अप्रवासन कार्यक्रमों की बदौलत करीब 40 हजार भारतीय 2015-2016 में ऑस्ट्रेलिया गए। जबकि 2014-2015 के दौरान उनकी संख्या केवल 34,874 थी।

हिंदू धर्म ने पछाड़ा

2011 की जनगणना में हिंदू धर्म सर्वाधिक तेजी से फैलने वाला धर्म पाया गया था। 2016 की जनगणना में 2.7 फीसद हिंदू आबादी का अनुमान है। जबकि वहां इस्लाम मानने वाली आबादी 2.6 फीसद है।

उच्च डिग्री प्राप्त हैं भारतीय

एबीएस के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में आने वाले भारतीयों में से 54.6 फीसद भारतीय ग्रेजुएट हैं या फिर वे उच्च शिक्षा प्राप्त हैं। यह आंकड़ा ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय औसत से तीन गुणा अधिक है।

भारतीयों का पसंदीदा ठिकाना

ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण पूर्व राज्य विक्टोरिया भारतीयों का पसंदीदा ठिकाना है। यहां अप्रवासियों की संख्या में 2.1 फीसद इजाफा दर्ज किया गया। एबीएस के मुताबिक भारतीयों की बढ़ती संख्या देश की अर्थव्यवस्था को खुशहाल करेगी।

1.5 फीसद: अप्रवासियों की संख्या में सलाना इजाफा

1.5 लाख: 2006 में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या

3 लाख: 2011 में ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले भारतीय

50 फीसद: 2011 से 2016 के बीच भारतीयों की जनसंख्या में इजाफे का अनुमान

2.42 करोड़: 30 सितंबर 2016 तक ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी

अप्रवासियों में शीर्ष पर (2015-2016 में)

देश, संख्या फीसद में

भारत, 21.2

चीन, 15.3

ब्रिटेन, 10.0

Edited By: Sachin Bajpai