विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हैक हुई भारत की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट, चोरी हुए 68 लाख रिकॉर्ड

By Ayushi TyagiEdited By:
Published: Thu, 22 Aug 2019 11:42 AM (IST)Updated: Thu, 22 Aug 2019 11:51 AM (IST)

अमेरिकी की एक साइबर एजेंसी ने खुलासा किया है कि भारत की एक प्रमुख हेल्थकेयर वेबसाइट को हैक कर लिया गया है।

हैक हुई भारत की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट, चोरी हुए 68 लाख रिकॉर्ड
हैक हुई भारत की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट, चोरी हुए 68 लाख रिकॉर्ड

नई दिल्ली,आइएएनएस। अमेरिकी का साइबर सुरक्षा फर्म फायरआइ (fire eye) ने गुरुवार को कहा कि हैकर्स ने भारत की एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट को हैक कर लिया है। हैकर्स ने मरीज और डॉक्टर की जानकारी वाले 68 लाख रिकॉर्ड को चोरी कर लिया है। वेबसाइट का नाम बिना बताए फायर आइ ने कहा कि ज्यादातर हैकर्स चीन के है और वह भारत सहित दुनिया भर में स्वास्थ्य संगठनों और वेब पोर्टलों से चोरी किए गए डेटा को सीधे बेच रहे हैं।

फर्म ने आगे कहा कि फरवरी में भारत स्थित स्वास्थ्य सेवा वेबसाइट से जुड़े 6,800,000 रिकॉर्ड्स चुरा लिए हैं। जिसमें रोगी की जानकारी और व्यक्तिगत रूप से पहचान योग्य जानकारी (पीआईआई), डॉक्टर की जानकारी और पीआईआई और क्रेडेंशियल्स शामिल हैं। फायरआई ने एक रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि 1 अक्टूबर, 2018 और 31 मार्च, 2019 तक  हेल्थकेयर से जुड़े डेटाबेस देखें जिसके बाद ये बात सामने आई है। 

ये भी पढ़ें- भारत बांग्लादेश रिश्तों को लेकर सैयद अकबरुद्दीन बोले- पहले से कहीं बेहतर दोनों देशों के संबंध

ओपन सोर्स रिपोर्टों से पता चला है कि हाल के दशकों में कैंसर की मृत्यु दर में वृद्धि हुई है, जिसमें कैंसर चीन की मौत का प्रमुख कारण बन रहा है। जैसा कि पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) 2020 तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाता है, लागत को नियंत्रित करता है फायरआई ने अपनी रिपोर्ट ने कहा।

ये भी पढ़ें- मोदी की यात्रा के दौरान 'रुपे' कार्ड लांच करने वाला पहला पश्चिम एशियाई देश होगा यूएई

पीआरसी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते फार्मास्युटिकल बाजारों में से एक है, जो घरेलू फर्मों, विशेष रूप से ऑन्कोलॉजी उपचार या सेवाएं प्रदान करने वाले आकर्षक अवसर पैदा करता है। इस साल अप्रैल की शुरुआत में, संदिग्ध चीनी साइबर जासूसों ने अमेरिका के एक स्वास्थ्य केंद्र पर EVILNUGGET" malware के साथ निशाना साधा था। एक चीनी समूह जिसने जैव चिकित्सा, दवा और स्वास्थ्य संगठनों पर ध्यान केंद्रित किया पूर्व वर्षों में भी इसी संगठन को लक्षित किया है।