गुजरात: भाजपा ने संगठन में किया बड़ा बदलाव, युवा और ब्राह्मण नेताओं को मिली अहम जिम्मेदारी
गुजरात भाजपा ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठन में बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की पीएम मोदी से म ...और पढ़ें

गुजरात में युवा और ब्राह्मण नेताओं को संगठन में मिली अहम जिम्मेदारी
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। गुजरात के मंत्रिमंडल में बड़े परिवर्तन के बाद भाजपा ने संगठन में भी बड़ा बदलाव किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात के बाद नई कार्यकारिणी में युवा और ब्राह्मण नेताओं को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।
संगठन में जिन पुराने नेताओं की वापसी की चर्चा थी, उनके स्थान पर भाजपा ने युवा, सक्रिय व समर्पित नेताओं को महत्व दिया है। पूर्व मंत्री के बेटे प्रशांत कोराट को महामंत्री पद के साथ दक्षिण गुजरात का प्रभारी बनाया गया जबकि पूर्व विधायक भरत पंड्या समेत तीन ब्राह्मण नेताओं को अहम जिम्मेदारी दी गई है।
कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी पीएम मोदी के करीबी डा. प¨रदु भगत को सौंपी गई।भाजपा अध्यक्ष पद पर जगदीश विश्वकर्मा की नियुक्ति के साथ ही भाजपा में लंबे समय से जमे नेताओं की विदाई की अटकलें थीं।
अब अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मनमानी करने वाले नेताओं को न सरकार में जगह मिलेगी और न ही संगठन में। उत्तर प्रदेश में भाजपा के ब्राह्मण विधायक व नेताओं में नाराजगी की खबरों के बीच गुजरात भाजपा ने ब्राह्मण नेताओं को अहम पद और जिम्मेदारी सौंपकर सबको चौंका दिया।
एक सामान्य बूथ कार्यकर्ता से विधायक बनाये जाने के बाद भाजपा ने एक बार फिर भरत पंड्या को प्रदेश उपाघ्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं वडोदरा से सांसद डा. हेमांग जोशी को युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा महामंत्री के चार पदों में से दो पद पर विधायक अनिरुद्ध दवे व अजय ब्रह्मभट्ट को बिठाया गया है। दवे को सौराष्ट जोन जबकि ब्रह्मभट्ट को उत्तर जोन का प्रभारी भी बनाया गया है। युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत कोराट को महामंत्री के साथ दक्षिण गुजरात का प्रभारी बनाया गया है।
साथ ही प्रदेश भाजपा मुख्यालय श्रीकमलम के प्रभारी का काम भी उन्हें सौंपा गया है। गुजरात के सौराष्ट्र व दक्षिण गुजरात में आम आदमी पार्टी से मिल रही चुनौती को भी एक कारण माना जा रहा है।
उप चुनाव में आप नेता गोपाल ईटालिया ने विसावदर सीट पर भाजपा को हराकर हलचल मचा दी है। इसके अलावा पूर्व कांग्रेसी विट्ठल रादडिया के पुत्र एवं पूर्व मंत्री जयेश रादडिया की नाराजगी को भी काफी हद तक कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

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