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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

GST से सरकार और आम जनता को कैसे हुआ फायदा? टैक्स चोरी रोकने से लेकर महंगाई से राहत मिलने तक; ये हैं प्रमुख फायदे

Published: Fri, 05 Sep 2025 01:49 PM (IST)Updated: Fri, 05 Sep 2025 01:59 PM (IST)

मोदी सरकार ने जीएसटी को चार के बजाए पांच और 18% के दो स्लैब में कर दिया है जिससे महंगाई ...और पढ़ें

जीएसटी में बड़ा बदलाव आम आदमी को महंगाई से मिलेगी राहत (फाइल फोटो)
जीएसटी में बड़ा बदलाव आम आदमी को महंगाई से मिलेगी राहत (फाइल फोटो)

HighLights

  1. राज्यों के टैक्स रेट अलग थे और टैक्स वसूलने की उनकी प्रक्रिया भी अलग थी
  2. 22.08 लाख करोड़ हो गया है वित्त वर्ष 2024-25 में अप्रत्यक्ष कर संग्रह

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मोदी सरकार ने दूसरी पीढ़ी के आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाते हुए GST को चार के बजाए पांच और 18% के दो स्लैब में कर दिया है। इस फैसले से आम लोगों को महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी और मांग में तेजी आएगी।

केंद्र सरकार ने 2017 में GST को लागू किया था। इससे पहले अप्रत्यक्ष कर का तंत्र काफी जटिल था। केंद्र और राज्य सरकारें अलग-अलग स्तर पर कई सारे टैक्स वसूलती थी, जिस वजह से कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।

जीएसटी के प्रमुख फायदे

एक देश, एक टैक्स- एक से अधिक अप्रत्यक्ष करो को हटाकर सिर्फ एक टैक्स के तौर पर यूनीफॉर्म टैक्स स्ट्रक्चर लागू होगा। कर के नियमों का अनुपालन सरल हुआ और इससे हर राज्य में अलग टैक्स रेट के तौर पर बाधाएं खत्म हुई। इससे एक राष्ट्रीय बाजार बना, जहां माल को एक राज्य से दूसरे राज्य ले जाना आसान हुआ।

टैक्स पर टैक्स लगने पर प्रभाव खत्म- GST ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की अनुमति दी। इसका मतलब है कि कंपनियां खरीद पर चुकाए गए टैक्स से बिक्री पर लिए गए टैक्स के खिलाफ ऑफसेट कर सकती है। इससे कुल टैक्स का बोझ कम हुआ और टैक्स पर टैक्स का प्रभाव हटा।

नियमों का पालन करना हुआ आसान- जीएसटी ने रजिस्ट्रेशन, रिटर्न फाइल करने और टैक्स का भुगतान करने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (GSTN) पेश किया। इससे पेपर वर्क कम हुआ और टैक्स प्रशासन में पारदर्शिता आई।

GST से आर्थिक वृद्धि को मिली मजबूती

  • राज्यों की सीमाओं पर बने चेक पोस्ट पर वसूल किए जाने वाले एंट्री खत्म होने से माल को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर लगने वाली लागत कम हुई।
  • टैक्स के नियमों का पालन करने पर आने वाली लागत घटने और कारोबार में सहूलियत से निवेश बढ़ा और आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिली।

राजस्व में इजाफा

जीएसटी के तहत टैक्स बेस बढ़ने से सरकार के राजस्व संग्रह में इजाफा हुआ। टैक्स चोरी रोकने के उपाय जैसे ई-वे बिल और ई-इनवॉयसिंग से टैक्स धोखाधड़ी में कमी आई। टैक्स रेट कम होने और नियमों का पालन करने की लागत घटने से कंपनियों, उद्यमियों के उत्पाद वैश्विक स्तर पर ज्यादा प्रतिस्पर्धी हो गए। छोटो कारोबारियों को कंपोजीशन स्कीम से फायदा हुआ और उनका टैक्स बोझ कम हुआ।

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