यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Deepfake Advisory: सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को करना होगा IT नियमों का पालन, डीपफेक को लेकर सरकार की एडवाइजरी जारी
डीपफेक की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने कदम उठाई है। केंद्र सरकार ने डीपफेक को लेकर बढ़ती चिंताओं ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार ने मंगलवार को औपचारिक रूप से सभी इंटरमीडिएरिज व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यह आश्वस्त करने के लिए कहा कि उनके प्लेटफार्म पर आईटी कानून की परिधि में आने वाले कंटेंट का ही प्रसारण हो। अगर इसका उल्लंघन होता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
सरकार ने जारी की सलाह
इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय ने सभी इंस्ट्राग्राम व एक्स जैसे इंटरमीडिएरिज और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अपने यूजर्स को उनकी स्थानीय भाषा में सरकार की सलाह के बारे में जानकारी देने के लिए कहा है। एआई की मदद से बनाए जाने वाले डीपफेक वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रसारण में तेजी आने के बाद सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए सभी प्लेटफॉर्म के साथ पिछले महीने बैठक की थी। उस बैठक में बनी सहमति के आधार पर मंगलवार को औपचारिक सलाह दी गई है।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को स्पष्ट निर्देश
मंत्रालय ने कहा है कि आईटी कानून के नियम 3 (1) बी (फाइव) के तहत किसी भी प्रकार की गलत या भ्रामक सूचना को सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर नहीं डाला जा सकता है। यूजर्स को गलत वीडियो, मैसेज या कंटेंट डालने से रोकने का काम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का है ताकि इससे अन्य यूजर्स को नुकसान नहीं हो। प्लेटफॉर्म यूजर्स को यह भी बताएगा कि आईटी कानून के नियम का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
आईटी नियम के तहत अगर प्लेटफॉर्म पर कोई गलत या भ्रामक सूचना का प्रसारण हो रहा है तो उस कंटेंट को तुरंत हटाने की जिम्मेदारी इंटरमीडिएरिज या प्लेटफॉर्म की है। इंटरमीडिएरिज को ऐसे उपाए भी करने होंगे ताकि यूजर्स गलत कंटेंट प्लेटफार्म पर नहीं डाल सके और डालता है तो तुरंत उसकी जानकारी मिल जाए।
अगले सप्ताह होगी जांच
इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि अगले सप्ताह से सरकार की तरफ से जारी सलाह पर अमल की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आईटी नियम में भी बदलाव भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गलत सूचना और एआई की मदद से बनाए जाने वाले डीपफेक वीडियो डिजिटल नागरिक की सुरक्षा के लिए खतरनाक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत माह एक कार्यक्रम के दौरान डीपफेक वीडियो को लेकर चिंता जाहिर की थी।
