यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अब भटकने की जरूरत नहीं! ग्रामीणों को आसानी से कर्ज देंगे बैंक; सरकार बना रही ये प्लान
एक फरवरी को पेश बजट में ग्रामीण क्रेडिट स्कोर विकसित करने की घोषणा की गई है। पहली बार उद्यमी बनने ...और पढ़ें

HighLights
- माइक्रो उद्यमी मिलेगा क्रेडिट कार्ड
- पांच लाख रूपये की होगी लिमिट
- सिबिल की तर्ज पर बनेगा फ्रेमवर्क
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। अब पहली बार उद्यमी बनने की इच्छा करने वाले ग्रामीणों को आसानी से सरकारी बैंक से कर्ज मिल सकेंगे। ग्रामीण को यह सहूलियत देने के लिए सरकारी बैंक ग्रामीण क्रेडिट स्कोर का फ्रेमवर्क विकसित करेंगे।
आगामी वित्त वर्ष 2025-26 के लिए गत एक फरवरी को पेश बजट में ग्रामीण क्रेडिट स्कोर विकसित करने की घोषणा की गई है। वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) ने ग्रामीण क्रेडिट स्कोर को मापने के लिए बैंकों को फ्रेमवर्क तैयार करने का निर्देश भी दे दिया है।
क्रेडिट कार्ड होगा जारी
आगामी अप्रैल तक इसका विस्तृत फ्रेमवर्क आ जाएगा। फ्रेमवर्क में डिजिटल आधार पर क्रेडिट स्कोर तैयार किया जाएगा। स्वामित्व स्कीम से भी इस फ्रेमवर्क को तैयार करने में मदद मिलेगी। स्वामित्व स्कीम के तहत ग्रामीण की प्रॉपर्टी की डिजिटल जानकारी उपलब्ध होती है।
ग्रामीण क्रेडिट स्कोर के आधार पर ग्रामीण इलाके में काम करने वाले माइक्रो उद्यमी को पांच लाख तक का क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जा सकेगा। डीएफएस के अधिकारी के मुताबिक फ्रेमवर्क बन जाने के बाद ग्रामीणों के कर्ज लेने और उसे चुकाने की क्षमता का आसानी से पता लग सकेगा।
महिलाओं को मिलेगा फायदा
- इससे गांवों में सक्रिय सेल्फ हेल्प ग्रुप (एसएचजी) से जुड़ी लाखों महिलाएं उद्यमिता के लिए लोन ले सकेंगी। उन्होंने बताया कि सेल्फ हेल्प ग्रुप के ट्रांजेक्शन को सेंट्रल क्रेडिट सिस्टम से जोड़ा जाएगा और इससे भी उनके क्रेडिट स्कोर को तैयार करने में मदद मिलेगी।
- अभी उद्यमिता के लिए पहली बार लोन की इच्छा रखने वाले ग्रामीणों को सरकारी बैंक से लोन मिलने में भारी दिक्कत होती है, क्योंकि उनका कोई सिबिल स्कोर नहीं होता है। बैंक किसी व्यक्ति के क्रेडिट इनफॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड (सिबिल) के द्वारा तय स्कोर के आधार पर ही लोन देता है।
आसानी से मिलेगा लोन
पहली बार लोन लेने वाले ग्रामीणों का न तो कोई सिबिल स्कोर होता है और न ही वे औपचारिक ट्रांजेक्शन से जुड़े होते हैं। गत एक फरवरी को पेश बजट में पहली बार कारोबार शुरू करने वाली एसएचजी की महिलाएं एवं अनुसूचित जाति-जनजाति के युवाओं को लोन देने की सुविधा की घोषणा की गई है।
ग्रामीण क्रेडिट स्कोर की सुविधा तय होने पर उन्हें लोन मिलना आसान हो जाएगा। ग्रामीण क्रेडिट स्कोर के फ्रेमवर्क के तैयार होने के बाद ग्रामीण खुद भी अपनी लोन क्षमता की जांच कर सकेंगे।
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