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    Extreme Tourism: एडवेंचर ट्रिप्स में अमीर खुद देते हैं मौत को दावत, अगर मरे तो शव मिलने की भी नहीं होती गारंटी

    Extreme Tourism आमतौर पर आप एडवेंचर शब्द से क्या समझते है? ट्रेक करना स्कूबा डाइविंग करना या स्काई डाइविंग करना। लेकिन बड़े बिजनेस टाइकून और अमीर लोग एडवेंचर के नाम पर कुछ ऐसा खतरनाक करते हैं जिसमें जान का खतरा इनसे भी ज्यादा होता है। जिंदगी को दांव पर लगाकर लोग भारी रकम भरते हैं। एडवेंचर टूरिज्म मार्केट का साइज 2030 में 1 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

    By Nidhi AvinashEdited By: Nidhi AvinashUpdated: Tue, 27 Jun 2023 04:48 PM (IST)
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    एडवेंचर ट्रिप्स में अमीर खुद देते हैं मौत को दावत, अगर मरे तो शव मिलने की भी नहीं होती गारंटी

    नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। Extreme Tourism: हिलस्टेशन पर जाना, बीच पर छुट्टियां बिताना या  रिश्तेदारों के घर चले जाना, अक्सर आम लोग अपनी छुट्टियों पर ऐसी ही जगह जाना पसंद करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि एक तो यह बजट फ्रेंडली होता है और इसमें कोई खतरा भी नहीं होता है। हालांकि, कुछ अमीर और बड़े तबके के लोग भी हैं जो एडवेंचर के नाम पर कुछ ऐसा करने की कोशिश करते हैं, जिसमें भारी रकम के साथ-साथ जिंदगी दांव पर लगने का जोखिम भी ज्यादा होता है।

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    आमतौर पर आप एडवेंचर शब्द से क्या समझते हैं? ट्रेक करना, स्कूबा डाइविंग करना और स्काई डाइविंग करना। लेकिन बड़े बिजनेस टाइकून और अमीर लोग एडवेंचर के नाम पर कुछ ऐसा खतरनाक करते हैं, जिसमें जान का जोखिम इससे भी ज्यादा होता है।

    बिजनेस बन गया रोमांच का खेल

    हाल ही में एडवेंचर के नाम पर 5 बिजनेस टाइकून ने टाइटैनिक का मलबा देखने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने टाइटैनिक का मलबा दिखाने वाली कंपनी ओशनगेट को भारी रकम दी। पांचों ने टाइटन पनडुब्बी में बैठ कर समुद्र में इस उम्मीद से गोता लगाया कि वह कुछ हटकर करने जा रहे है। कुछ ऐसा जो बेहद खतरनाक होने के साथ-साथ काफी जोखिम भरा होता है। नतीजा आपके सामने है, समुद्र के नीचे अधिक पानी के दबाव के कारण पनडुब्बी विस्फोट हुआ और सभी मर गए।

    मोटी रकम देकर लोग करते है एडवेंचर ट्रिप्स

    टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखना बिजनेस बन गया है। जिंदगी को दांव पर लगाकर लोग भारी रकम भरते है। इस लिस्ट में केवल टाइटैनिक जहाज के मलबे को देखना ही शामिल नहीं है, इसमें कई अन्य खतरनाक पर्यटन स्थल भी शामिल है, जिसके लिए लोग भारी रकम भरते है और बिना अपनी जिंदगी की परवाह किए कुछ एडवेंचर की उम्मीद में निकल जाते है। खतरों के बावजूद, दक्षिणी ध्रुव, एवरेस्ट की चढ़ाई और यहां तक कि अंतरिक्ष जैसे स्थानों पर अमीर लोग घूमने से बिल्कुल भी नहीं कतराते है। बता दें, एडवेंचर टूरिज्म मार्केट का साइज साल 2030 तक 1 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

    टाइटैनिक का मलबा देखना

    टाइटैनिक का मलबा देखना एक एडवेंचर टूरिज्म के अंदर आता है। कई अमीर लोग टाइटैनिक का मलबा देखने का शौक रखते है। इसके लिए प्रति व्यक्ति 2 करोड़ 5 लाख 10 हजार 625 रुपये खर्च करना पड़ता है। टाइटैनिक के मलबे को देखने की यात्रा आठ दिन लंबी है। ऐसी यात्राएं काफी खतरनाक होती हैं। टाइटैनिक का मलबा देखने गहरे समुद्र में ले जाते समय कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

    टाइटैनिक का मलबा दिखाने का जिम्मा ओशनगेट कपंनी के पास है। इस कंपनी के पास एक छोटी पनडुब्बी या सबमर्सिबल है, जो समुद्र की गहराइयों में उतरकर यात्रियों को टाइटैनिक का मलबा दिखाती है। टाइटैनिक का मलबा दिखाने के लिए पनडुब्बी यात्रियों को समुद्र में 3800 मीटर नीचे ले कर जाती है। हाल ही में हुई उन 5 मौतों से सीखने की जरूरत है की लोगों को अपनी सुरक्षा को पहली प्राथमिकता देनी चाहिए।

    माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ाई

    माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई काफी मुश्किलों से भरी होती है। लेकिन, आज भी बड़ी संख्या में लोग माउंट एवरेस्ट पर जाते हैं। हालत ऐसी होती है कि कई बार तो ऊपर जाम तक की स्थिति बन जाती है। एडवेंचर के नाम पर भारी संख्या में लोग माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करते है। इसकी चढ़ाई करने में दो महीने का समय लगता हैं। ये चढ़ाई ग्रुप के साथ होती है और और ग्रुप को परमिशन मिलने के बाद ही फतह की तैयारी की जाती है। इस ट्रिप में 24 लाख से 1.28 करोड़ रुपये तक का खर्च आ आता है।

    ट्रेनिंग और ग्रुप के साथ-साथ ये रकम कई चीजों पर निर्भर होती है। इसमें 11 हजार डॉलर नेपाल से परमिट कराने में ही लग जाते है। हर साल कुछ ही लोगों को एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने की परमिशन दी जाती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक माउंट एवरेस्ट को फतह करने की जिद में 300 से भी ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।

    अतंरिक्ष पर सफर करने के लिए देते है मोटी रकम

    पृथ्वी को बाहर से देखने के लिए बहुत से अमीर लोग स्पेस में सफर करने का मन बनाते है। इसके लिए आपको अरबों रुपये खर्च करने पड़ेंगे। स्पेस टूरिज्म की मांग काफी बढ़ रही है, ताकि हर कोई अंतरिक्ष में जाकर वहां का लुत्फ उठा सके। बता दें, अब तक 21 देशों के 269 व्यक्तियों ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का दौरा किया है। जापान की एक स्टार्टअप कंपनी इवाया गिकेन ने कमर्शियल स्पेस बैलून फ्लाइट लॉन्च किया है।

    कंपनी के सीईओ कीसेकु इवाया ने बताया कि स्पेस की यात्रा करने के लिए यात्रियों को अरबपित होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह यात्रा काफी सुरक्षित और किफायती होगी। स्पेस की यात्रा करने के लिए लगभग 2 से 22 करोड़ का खर्चा आएगा। अरबपति एलन मस्क की कपंनी स्पेसएक्स भी स्पेस टूरिज्म पर काम कर रही है।