नई दिल्ली। सिगनल पर भीख मांगते भिखारियों से आपका कभी ना कभी वास्ता जरूर पड़ा होगा। भारत के बड़े शहरों में अक्सर आपको भीड़भाड़ वाली जगहों पर भिखारी मिल ही जाते होंगे। ऐसे में आपके दिमाग में ये बात भी आती होगी कि भारत में कितने भिखारी है? सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देश में भिखारियों की जनसंख्या 3.7 लाख है।

सरकारी आंकड़े में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है और वो ये कि भिखारियों की कुल जनसंख्या में हर चौथा भिखारी मुसलमान है। यानी भिखारियों की कुल जनसख्या में 25 फीसदी मुस्लिम हैं। आंकड़ो के मुताबिक भिखारियों में से 72.2 फीसदी हिंदू हैं और कुल जनसंख्या में उनकी हिस्सेदारी 79.8 फीसदी है।

हालांकि साल 2001 में सरकार द्वारा की गई जनगणना के मुताबिक उस वक्त देशभर में भिखारियों की जनसंख्या 6.3 लाख थी जिसमें कमी आई है। इसके अलावा धार्मिक आधार पर आंकड़ो की बात करें तो भारत की आबादी में ईसाईयों की जनसंख्या 2.3 फीसदी है और भिखारियों की जनसंख्या 0.88 फीसदी है। इसके अलावा कुल 3.7 लाख भिखारियों में 0.25 फीसदी बौद्ध, 0.45 फीसदी सिख और 0.06 फीसदी जैन हैं।


आंकड़ो के मुताबिक मुस्लिम भिखारियों में महिलाओं की जनसंख्या सबसे ज्चादा है जबकि बाकी धर्में के भिखारियों में मर्द ज्यादा हैं। औसतन कुल भिखारियों में 53.13 फीसदी पुरुष हैं और 465.87 फीसदी महिलाए हैं जबकि मुस्लिम भिखारियों में 43.61 फीसदी पुरुष और 56.38 फीसदी महिलाए हैं।

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