नई दिल्‍ली (आनलाइन डेस्‍क)। धरती से 422 किमी की दूरी पर स्थित इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (International Space Station) में मौजूद क्रू (ISS Crew Members) सभी 7 सदस्‍य इमरजेंसी के दौरान स्‍टेशन छोड़कर खुदको सुरक्षित कैसे रखा जाए इसकी तैयारी कर रहे हैं। इन क्रू मैंबर्स के पास शुक्रवार शाम तक का ही समय है। तो क्‍या ये मान लिया जाए कि आईएसएस किसी इमरजेंसी हालात (Emergency Task in ISS) से जूझ रहा है, जिसमें क्रू मैंबर्स को कोई खतरा। लेकिन ऐसा नहीं है।

दरअसल, आईएसएस का क्रू मैंबर्स उन हालातों का जायजा ले रहा है जो किसी भी इमरजेंसी की हालत में पैदा हो सकते हैं। यही वजह है कि सभी सात क्रू मैंबर्स को अलग अलग टास्‍क सौंपा गया है। ये पूरा प्रोसेस ही दरअसल, ट्रेनिंग का हिस्‍सा है। इसमें आईएसएस के बाहर इंस्‍टालेशन, इंस्‍पैक्‍शन और कई सारी चीजें की जानी हैं। शाम तक ये सभी टास्‍क इनको पूरा करना होगा।

नासा की तरफ से बताया गया है कि मौजूदा समय में आईएसएस में एक्‍सपेडिशन 67 (ISS Expedition 67) के तहत नासा के फ्लाइट इंजीनियर जैसिका वाटकिंस (Jessica Watkins), बाब हिंस (Bob Hines), जेल लिंडग्रेन (Kjell Lindgren), यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी के फ्लाइट इंजीनियर सामंथा क्रिस्‍टोफोर्टी (Samantha Cristoforetti), रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्‍कोमोस के कमांडर ओलेग आर्टिमेव (Oleg Artemyev), कोस्‍मोनाट डेनिस मातविव (Denis Matveev) और सर्गी कोर्सकोव (Sergey Korsakov)तैनात हैं।

इनमें डेनिस और आर्टिमेव अपने इक्‍यूपमेंट्स और टूल्‍स के साथ स्‍पेसवाक करने वाले हैं। इस दौरान सर्गी माइक्रोबायल सैंप्‍लस को स्‍टोर करेंगे और उनकी इमेज लेंगे। सामंथा इस दौरान सैंपल्‍स को रिंग शेयर्ड ड्राप में इंस्‍टाल कर उनका इंवेस्टिगेशन का काम करेंगी। इसमें वो माइक्रोग्रेविटी के दौरान प्रोटीन और एमीलायड की जानकारी हासिल करेंगी। एमीलायड न्‍यूरोडाइजेस्टिव डिजीज जैसे अल्‍जाइमर में शामिल होता है। इससे वैज्ञानिकों को इस बीमारी को और समझने और इसके इलाज का कारगर तरीका इजाद करने में मदद मिल सकेगी।

जेल इस दौरान एक सर्वे को अंजाम देंगी और शाम को स्‍टेशन में से होने वाली किसी भी तरह की लीकेज और इस दौरान आईएसएस में मौजूद आक्‍सीजन की सप्‍लाई पर नजर रखेंगी। वो ये भी देखेंगी कि कहीं इसकी वजह से कोई चिंगारी या आग लगने की घटना तो नहीं हो सकती है। बाब का काम इस दौरान सिरेबल आटारेगुलेशन पर नजर रखना होगा। ये बेहद अहम टास्‍क है। इसमें उन्‍हें ये देखना है कि माइक्रोग्रेविटी के दौरान इंसान के शरीर में खून की प्रवाह दिमाग में किस तरह से होता है। इस दौरान उन्‍हें कई तरह के सैंसर और इलेक्‍ट्राड की मदद से लगातार खून के प्रवाह को अपने दिमाग और छाती में जांचते रहना होगा। ये एक्‍सपेरिमेंट इंसान को धरती की ग्रेविटी में एडजेस्‍ट करने में सहायक साबित होगा, जो उनके वापस आने पर उनकी मदद करेगा।

जैसिका का काम रिसाइकल टैंक को इंस्‍टाल करने का होगा। ये न सिर्फ पर्यावरण के लिए बल्कि लाइफ सपोर्ट सिस्‍टम के लिए बेहद खास होगा। इसका जरा सा टुकड़ा भी क्रू मैंबर्स को आईएसएस में पानी और आक्‍सीजन मुहैया करवा सकता है। इसके अलावा वो प्‍लांट हेबिटेट फेसेलिटी में अंतरिक्ष में पौधे कैसे उगाए जा सकते हैं इसका भी जायजा लेंगी।

शाम को ये सभी क्रू मैंबर्स अपने टास्‍क को खत्‍म कर दोबारा इकट्ठा होंगे और इमरजेंसी के हालात में स्‍टेशन को छोड़कर जाने का पूरा एनालेसिस करेंगे। इस पूरे प्रोसेस में ये भी देखा जाएगा कि क्रू मैंबर्स को इमरजेंसी हालात में किस तरह से रिएक्‍ट करना है। इस दौरान क्रू को लगातार कम्‍यूनिकेशन स्किल्‍स, प्रोसेस को सही तरह से एग्‍जीक्‍यूट करना, सही समय पर सही फैसला लेना भी करना होगा।  

Edited By: Kamal Verma