नेशनल हेराल्ड केस में ED की नई रणनीति, दिल्ली पुलिस ने राहुल-सोनिया के खिलाफ दर्ज की FIR
नेशनल हेराल्ड केस में दिल्ली पुलिस ने ED की शिकायत पर नई FIR दर्ज की है। यह कदम सुब्रह्मण्यम स्वामी की शिकायत पर निर्भरता कम करने के लिए उठाया गया है। ED सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिलने पर पुलिस को जांच के लिए कहा गया था। ED ने यंग इंडिया पर 88 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है।

दिल्ली पुलिस ने राहुल-सोनिया के खिलाफ दर्ज की FIR (फाइल फोटो)
नीलू रंजन, जागरण। नई दिल्ली। पिछले 11 सालों से निचली अदालत में अटके नेशनल हेराल्ड केस को तेज गति से अंजाम तक पहुंचाने और सुब्रह्मनयम स्वामी की शिकायत पर निर्भरता खत्म करने की रणनीति के तहत दिल्ली पुलिस ने तीन अक्टूबर को नई एफआइआर दर्ज कर लिया है।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की एफआइआर ईडी की शिकायत पर आधारित है। दिल्ली पुलिस की एफआइआर दर्ज होने के बाद सुब्रह्मनयम स्वामी द्वारा अपनी शिकायत वापस लेने की स्थिति में भी मनी लांड्रिंग के केस पर कोई असर नहीं होगा।
सोनिया-राहुल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
गौरतलब है कि ईडी इस मामले में सोनिया गांधी, राहुल गांधी व अन्य खिलाफ नौ अप्रैल को चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के 16 सितंबर के फैसले को आधार पर बनाते हुए दिल्ली पुलिस से नई शिकायत दर्ज करने के लिए पत्र लिखा।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े विजय मदनलाल केस में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया था कि जांच के दौरान मनी लांड्रिंग किये जाने के सबूत मिलने के बाद ईडी को पुलिस को इसकी आपराधिक जांच के लिए कहना चाहिए।
नई एफआइआर की जरूरत साबित करने के लिए ईडी ने 2017-18 में यंग इंडिया और एसोसिएट जर्नल लगभग 88 करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग करने का हवाला दिया है। ईडी के अनुसार फर्जी विज्ञापन, फर्जी किराया और दान के नाम पर लिया गया था।
केस पर नहीं होगा कोई असर
सुब्रह्मनयम स्वामी की शिकायत में इसका कोई जिक्र नहीं है। दरअसल ईडी द्वारा मनी लांड्रिंग की जांच के लिए किसी अन्य जांच एजेंसी की एफआइआर जरूरी है। अभी तक ईडी का केस सिर्फ सुब्रह्मनयम स्वामी की शिकायत और पटियाला हाऊस कोर्ट द्वारा उस पर लिए गए संज्ञान पर आधारित था। जाहिर है स्वामी के शिकायत वापस लेने की स्थिति में भी मनी लांड्रिंग के केस पर कोई असर नहीं होगा।
दूसरी ओर पटियाला हाऊस कोर्ट में इस केस की मंथर गति से सुनवाई में सुब्रह्मनयम स्वामी की भूमिका को लेकर संदेह था। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार 11 सालों में गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो पाना अचंभित करने वाली बात है और ईडी नहीं चाहती है कि पुख्ता सबूतों पर आधारित उसका मनी लांड्रिंग का केस सुब्रह्मनयम स्वामी की शिकायत पर आधारित रहे।
दिल्ली पुलिस की एफआइआर में उन्हीं को आरोपी बनाया गया है कि जिन्हें ईडी की चार्जशीट में आरोपी बनाया गया है। इनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा, एसोसिएटेड जर्नल, यंग इंडिया, डोटेक्स मर्केंडाइज, सुनील भंडारी और अन्य शामिल हैं।
दिल्ली पुलिस चार्जशीट करेगी दाखिल
सूत्रों के अनुसार ईडी इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर चुकी है और सारे सबूत और गवाहों के बयान दिल्ली पुलिस को सौंप चुकी है। इसके बाद दिल्ली पुलिस को जांच पूरी करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। उम्मीद की जा रही है कि दिल्ली पुलिस जल्द ही इस मामले में अपनी चार्जशीट दाखिल करेगी। वैसे ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर फैसला सुनाने के लिए राऊस एवेन्यू कोर्ट ने 16 दिसंबर की तारीख तय की है।

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