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    कंटीले तार से रिश्तों में आ रही दरार...', भारत के एक्शन से बांग्लादेश बेचैन; विदेश सचिव जसीमु्द्दीन ने क्या-क्या कहा?

    भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में कड़वाहट देखने को मिल रही है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद लगातार बढ़ रहा है। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश उच्चायोग के एक वरिष्ठ राजनयिक को बुलाकर दोनों देशों की सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति के संदर्भ में अपनी नाराजगी का इजहार किया। वहीं भारत सीमा पर अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

    By Abhinav Tripathi Edited By: Abhinav Tripathi Updated: Mon, 13 Jan 2025 07:37 PM (IST)
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    भारत व बांग्लादेश के बीच गहराता जा रहा कूटनीतिक विवाद (फाइल फोटो)

    जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव गहराता जा रहा है। सोमवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश उच्चायोग के एक वरिष्ठ राजनयिक (उप-उच्चायुक्त मोहम्मद नुरल इस्लाम) को बुला कर दोनों देशों की सीमा पर तनावपूर्ण स्थिति के संदर्भ में अपनी नाराजगी का इजहार किया।

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    भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा का ख्याल रखते हुए दोनों देशों की सीमा के कई हिस्सों पर गलत तरीके से घुसपैठ करने वालों पर रोक लगाने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम कर रहा है।

    बांग्लादेश सरकार कर रही भारत का विरोध

    बांग्लादेश सरकार इसका विरोध कर रही है। भारत की तरफ से जो कंटीले तारों का बाड़ लगाया जा रहा है, उसका विरोध बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) कर रही है। उसकी रिपोर्ट पर ही इस संदर्भ में एक दिन पहले ही ढाका में वहां के विदेश मंत्रालय ने भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया था।

    भारत और बांग्लादेश के बीच 4097 किलोमीटर सीमा है। भारत पिछले कई वर्षों से इस सीमा को सुरक्षित करने की कोशिश में है और इसके लिए कंटीलें बाड़ व सीमेंट की दीवारें भी बनाई जा रही है। अभी तक 3180 किलोमीटर लंबी सीमा पर बाड़ लगाए जा चुके हैं।

    बांग्लादेश ने नियमों का उल्लंघन बताया

    रविवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त वर्मा की बांग्लादेश के विदेश सचिव मोहम्मद जसीमु्द्दीन की बैठक में बांग्लादेश ने साफ तौर पर भारत की तरफ से लगाये जा रहे बाड़ का विरोध किया था। बांग्लादेश विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि भारत की तरफ से आवश्यक कार्रवाई किए बगैर ही कंटीले बाड़ लगाए जा रहे हैं जो दो पड़ोसी देशों के मित्रवत संबंधों और सहयोग की भावना के खिलाफ है। इसमें भारत के कदम को अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के तौर पर भी बताया गया है।

    अन्य मुद्दों पर दोनों देशों के बीच तनाव

    सीमा पर बाड़ लगाने के अलावा दूसरे और भी कई मुद्दें हैं जो भारत व बांग्लादेश के रिश्तों को तनाव बनाये हुए हैं। इसमें बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले की स्थिति भी अहम है। दो दिन पहले ही बांग्लादेश पुलिस ने अपनी एक विस्तृत रिपोर्ट में इस बात को स्वीकार किया है कि पूर्व पीएम शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद हिंदू अल्पसंख्यकों पर सैकड़ों की तदाद में हमले हुए हैं।

    हालांकि यह भी कहा गया है कि अधिकांश हमले राजनीतिक उद्देश्य से किये गये हैं। भारत लगातार पड़ोसी देश में हिंदू अल्पसंख्यकों के दुकानों, घरों व पूजा स्थलों पर हमले का मुद्दा उठा रहा है।

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