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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए महुआ ने लगाए थे अदाणी पर आरोप,' हीरानंदानी का टीएमसी सांसद पर गंभीर खुलासा

By Jagran NewsEdited By: Abhinav Atrey
Published: Fri, 20 Oct 2023 12:13 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेदाग छवि को धूमिल कर उन्हें शर्मसार करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ...और पढ़ें

हीरानंदानी का टीएमसी सांसद पर गंभीर खुलासा (फाइल फोटो)
हीरानंदानी का टीएमसी सांसद पर गंभीर खुलासा (फाइल फोटो)

HighLights

  1. हीरानंदानी समूह के सीईओ ने हलफनामा देकर किया सनसनीखेज दावा
  2. पीएम मोदी को बदनाम करने के लिए महुआ ने लगाए थे अदाणी पर आरोप
  3. हीरानंदानी की बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मोइत्रा से मुलाकात
  4. 'कामयाब होने के लिए वे सबसे छोटा रास्ता अपनाएं'

जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बेदाग छवि को धूमिल कर उन्हें शर्मसार करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने संसद में अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी पर लगातार निशाना साधा था। यह सनसनीखेज दावा हीरानंदानी समूह के सीईओ दर्शन हीरानंदानी ने एक हलफनामा देकर किया है।

महुआ मोइत्रा पर हीरानंदानी समूह से कई तरह के लाभ और उपहार लेकर संसद में अदाणी समूह को घेरते हुए पचास से अधिक सवाल पूछने का आरोप है। इस दावे पर टिप्पणी के लिए मोइत्रा से तत्काल संपर्क नहीं हो सका। रियल एस्टेट से लेकर एनर्जी सेक्टर में सक्रिय हीरानंदानी समूह के सीईओ दर्शन ने स्वीकार किया कि राज्य के स्वामित्व वाली दिग्गज कंपनी इंडियन आयल कॉर्पोरेशन ने जब उनकी फर्म के बजाय अदाणी समूह की ओडिशा स्थित धामरा एलएनजी आयात सुविधा के साथ कारोबार शुरू किया तब उन्होंने महुआ की संसदीय लागइन का इस्तेमाल कर गौतम अदाणी के खिलाफ अभियान छेड़ दिया।

मोइत्रा ने 'लगातार मांगें कीं'

उन्होंने दावा किया कि इस काम के लिए मोइत्रा ने 'लगातार मांगें कीं' जिसमें 'महंगी विलासिता की वस्तुएं', दिल्ली में उनके आधिकारिक तौर पर आवंटित बंगले के नवीनीकरण, देश-विदेश के विभिन्न स्थानों पर उनकी यात्राओं के खर्च आदि शामिल हैं। उल्लेखनीय है इस सप्ताह की शुरुआत में, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और महुआ मोइत्रा के अलग हुए साथी और वकील जय अनंत देहाद्राई ने आरोप लगाया था कि मोइत्रा ने संसद में सवाल उठाने के लिए हीरानंदानी से कई तरह के लाभ लिए।

महुआ ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया

इस आरोप के जवाब में महुआ ने दोनों के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष मानहानि का मुकदमा दायर किया है। इस बीच, दुबे की शिकायत को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की आचार समिति के पास भेज दिया है। हीरानंदानी, जिन्होंने इस सप्ताह एक्स पर अदाणी समूह द्वारा केरल में बंदरगाह परिचालन शुरू करने के बारे में खबर दोबारा पोस्ट की थी, से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं किया जा सका।

हीरानंदानी की बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मोइत्रा से मुलाकात

एक बार जब हलफनामा सार्वजनिक हो गया, तो उन्होंने एक्स पर अपना अकाउंट डिलीट कर दिया। हीरानंदानी ने कहा कि साल 2017 में बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट में मोइत्रा से उनकी मुलाकात हुई थी। वे तब विधायक थीं। पिछले कुछ वर्षों में वे उनकी 'करीबी दोस्त' बन गईं। हीरानंदानी को मोइत्रा के जरिये विपक्ष दलों द्वार शासित राज्यों में कारोबार मिलने की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि महुआ बहुत महत्वाकांक्षी हैं और राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम कमाना चाहती थीं।

'कामयाब होने के लिए वे सबसे छोटा रास्ता अपनाएं'

साल 2019 में बंगाल के कृष्णानगर से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उनके दोस्तों और सलाहकारों ने उन्हें सलाह दी थी कि कामयाब होने के लिए वे सबसे छोटा रास्ता अपनाएं। इसके लिए उन्हें पीएम मोदी पर व्यक्तिगत हमला करना होगा। उन्होंने कहा कि हालांकि, प्रधानमंत्री अपनी बेदाग छवि के कारण किसी को भी नीति, शासन या व्यक्तिगत आचरण को लेकर खुद पर हमला करने का कोई मौका नहीं दे रहे हैं।

मोदी पर हमला करने का एकमात्र तरीका गौतम अदाणी

जैसा कि महुआ की आदत थी, उन्होंने सोचा कि मोदी पर हमला करने का एकमात्र तरीका गौतम अदाणी और उनके समूह पर हमला करना है क्योंकि दोनों समकालीन हैं और एक ही राज्य गुजरात से हैं। उन्हें इस तथ्य से मदद मिली कि अदाणी ने अपनी कामयाबी से व्यापार, राजनीति और मीडिया के कुछ वर्गों में अपने आलोचक पैदा कर दिए। मोइत्रा को अदाणी पर निशाना साधकर प्रधानमंत्री को बदनाम करने और शर्मिंदा करने के अपने प्रयास में इन वर्गों से समर्थन की उम्मीद थी।

मोइत्रा ने कुछ सवालों का मसौदा तैयार किया

हीरानंदानी ने कहा कि उन्हें आइओसी द्वारा अपनी कंपनी के एलएनजी टर्मिनल की जगह धामरा को चुनने के बारे में पता था। इस जानकारी के आधार पर, मोइत्रा ने कुछ सवालों का मसौदा तैयार किया, जिनमें अदाणी समूह को निशाना बनाकर सरकार को शर्मिंदा करने की मंशा थी। उन्होंने दावा किया कि मोइत्रा सांसद के रूप में अपनी ईमेल आईडी मेरे साथ साझा की, ताकि मैं उन्हें जानकारी भेज सकूं और वह संसद में सवाल उठा सकें।

महुआ ने संसद का अपना लागिन और पासवर्ड दिया- हीरानंदानी

हीरानंदानी ने कहा कि मैं उनके इस प्रस्ताव पर तैयार हो गया। अदाणी समूह से संबंधित उनके द्वारा भेजे गए प्रश्नों के पहले सेट के लिए मिली प्रतिक्रिया से प्रसन्न होकर, उन्होंने कहा कि मोइत्रा ने उनसे अदाणी समूह पर अपने हमलों में उनका समर्थन जारी रखने का 'अनुरोध' किया। उन्होंने मुझे संसद का अपना लागिन और पासवर्ड भी दिया ताकि जरूरत पड़ने पर मैं सीधे उनकी ओर से प्रश्न पोस्ट कर सकूं।

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