'साल 2023 की एक गलती की वजह से...' संसद की सुरक्षा में लगी CRPF यूनिट भंग, आखिर क्यों हुआ ऐसा?
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस समूह (सीआरपीएफ) के तहत लगभग 1400 कर्मियों वाले संसद ड्यूटी ग्रुप (पीडीजी) का नाम बदलकर वीआइपी सुरक्षा समूह (वीएसजी) कर दिया। सीआरपीएफ की वीआइपी सुरक्षा विंग वर्तमान में 200 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के गांधी परिवार के सदस्य भी शामिल हैं।

पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप' से जानी जाने वाली सीआरपीएफ की एक विशेष इकाई को भंग कर दिया है। साथ ही इस इकाई का सीआरपीएफ की वीआइपी सुरक्षा शाखा में विलय कर लिया गया है संसद की सुरक्षा में लगी सीआरपीएफ की यूनिट को पिछले साल ही हटा लिया गया था।
सरकार ने हाल ही में एक हजार से ज्यादा कर्मियों वाली एक नई बटालियन को भी वीआइपी सुरक्षा शाखा में शामिल किया है।
संसद ड्यूटी ग्रुप का बदला गया नाम
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर केंद्रीय रिजर्व पुलिस समूह (सीआरपीएफ) के तहत लगभग 1,400 कर्मियों वाले संसद ड्यूटी ग्रुप (पीडीजी) का नाम बदलकर वीआइपी सुरक्षा समूह (वीएसजी) कर दिया।
यह आदेश इस महीने की शुरुआत में गृह मंत्रालय द्वारा झारखंड के चतरा जिले में स्थित सीआरपीएफ की बटालियन संख्या 190 को भी सीआरपीएफ की वीआइपी सुरक्षा इकाई में स्थानांतरित करने के आदेश के बाद आया है। एक हजार से अधिक कर्मियों वाली इस बटालियन को झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान चलाने के लिए तैनात किया गया था।
इन नेताओं को सुरक्षा प्रदान कर रही वीआइपी सुरक्षा विंग
सीआरपीएफ की वीआइपी सुरक्षा विंग वर्तमान में 200 से अधिक लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस के गांधी परिवार के सदस्य सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल हैं।
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वीआइपी सुरक्षा विंग का काम हर दिन बढ़ रहा है। एक नई बटालियन और पीडीजी के साथ इसके कर्मियों की संख्या बढ़कर आठ हजार से अधिक कर्मियों की हो जाएगी।'
विगत मई में सीआइएसएफ को संसद सुरक्षा का जिम्मा सौंपे जाने के बाद सीआरपीएफ के पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप को संसद भवन से हटा दिया गया था। फिर इसे वीआइपी सुरक्षा विंग से जोड़ा गया था, लेकिन मंगलवार को इसका औपचारिक आदेश जारी कर दिया गया।
पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप को चुकानी पड़ी साल 2023 गलती का खामियाजा
पीडीजी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'बल ने संसद में पूरे समर्पण और बिना किसी गलती के अपना कर्तव्य निभाया, लेकिन साल 2023 में हुई बड़ी सुरक्षा चूक का इसे खामियाजा भुगतना पड़ा।'
13 दिसंबर, 2023 को (2001 संसद आतंकी हमले की वर्षगांठ पर) दो व्यक्ति शून्यकाल के दौरान सार्वजनिक गैलरी से लोकसभा कक्ष में कूद गए। दोनों ने कनस्तरों से पीला धुआं छोड़ा और नारे लगाए। आखिरकार सांसदों ने दोनों को काबू किया।
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