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जी राम जी कानून के खिलाफ आंदोलन करेगी कांग्रेस, 27 दिसंबर को बैठक में बनेगी रूपरेखा

By Sanjay MishraEdited By: Swaraj Srivastava
Published: Mon, 22 Dec 2025 11:30 PM (IST)

कांग्रेस मनरेगा की जगह आए नए कानून जीबी जी राम जी के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन करेगी। पार्टी जनभागीदारी बढ़ाने पर ...और पढ़ें

संगठनों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेगी कांग्रेस

संगठनों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेगी कांग्रेस

HighLights

  1. कांग्रेस करेगी जीबी जी राम जी कानून का विरोध

  2. आंदोलन में जनभागीदारी पर कांग्रेस का जोर

  3. 27 दिसंबर को आंदोलन की रूपरेखा पर होगी चर्चा

संजय मिश्र, नई दिल्ली। कांग्रेस मनरेगा की जगह आए नए कानून जीबी जी राम जी के खिलाफ व्यापक देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर रही है। पार्टी अपने आंदोलन को प्रभावी बनाने के लिए तीन विवादित कृषि कानूनों की वापसी के लिए हुए आंदोलनों की तरह इसमें जनभागीदारी बढ़ाने पर खास जोर देगी। इस रणनीति के तहत कांग्रेस मजदूर तथा किसान संगठनों के साथ-साथ ग्रामीण तथा सामाजिक क्षेत्रों में काम करने वाले संगठनों को आंदोलन से जोड़ने का प्रयास करेगी।

संकेतों से साफ है कि नए साल की शुरूआत से ही जी राम जी कानून के खिलाफ कांग्रेस का देशव्यापी विरोध प्रर्दशनों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। समझा जाता है कि आंदोलनों की रूपरेखा की चर्चा के दौरान पार्टी इस बात पर खास फोकस कर रही है कि विरोध का स्वरूप केवल राजनीतिक न हो बल्कि इसका आंदोलन का सामाजिक आयाम कहीं ज्यादा प्रभावशाली हो। इसके मद्देनजर ही गांव-गरीब और किसान-मजदूर को कांग्रेस अपने इस आंदोलन के विमर्श की धुरी में रखने की कोशिश करेगी।

बैठक में आंदोलन की रूपरेखा पर होगी चर्चा

पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्यसमिति की 27 दिसंबर की बैठक में आंदोलन की रूपरेखा और कार्यक्रमों पर चर्चा कर इसका एलान किया जाएगा। वैसे नए कानून के खिलाफ लड़ाई में गैर राजनीतिक संगठनों-समूहों को जोड़ने के इरादे लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने 19 दिसंबर को शीत सत्र खत्म होने के दिन ही जाहिर करते हुए कहा था कि मनरेगा दुनिया के सबसे सफल गरीबी उन्मूलन और सशक्तिकरण कार्यक्रमों में से एक है और हम सरकार को ग्रामीण गरीबों की आखिरी उम्मीद को खत्म नहीं करने देंगे।

साथ ही कानून की वापसी के लिए मजदूरों, पंचायतों और राज्यों के साथ खड़े होकर वे देशव्यापी मोर्चा बनाएंगे। संसद में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा जैसे नेताओं के जी राम जी विधेयक का प्रतिरोध करने के बाद सोनिया गांधी तथा राहुल गांधी ने अब सदन के बाहर विरोध की कमान थाम ली है। मनरेगा पर बुलडोजर चलाने का आरोप लगाने के एक दिन बाद ही सोनिया गांधी ने सोमवार को एक लेख में दावा किया कि जी राम जी कानून के जरिए केंद्र राज्यों को कमजोर कर सब कुछ अपने हाथ में ले रहा है।

राहुल गांधी ने एक्स पर इस लेख को साझा करते हुए कहा 'न जनसंवाद, न संसद में चर्चा, न राज्यों की सहमति - मोदी सरकार ने मनरेगा और लोकतंत्र दोनों पर बुलडोजर चला दिया है। यह विकास नहीं, विनाश है जिसकी कीमत करोड़ों मेहनतकश भारतीय अपनी रोजी रोटी गंवा कर चुकाएंगे।' पार्टी के विरोध की तैयारियों की पुष्टि करते हुए कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने कहा मनरेगा को खत्म करने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस बेशक एक सार्वजनिक जनआंदोलन अभियान की घोषणा करेगी।

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