यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Meghalaya Politics: सरकार बनाने के लिए एनपीपी ने भाजपा से मांगा समर्थन, कांग्रेस ने घेरा
Meghalaya चुनाव में नेशनल पीपुल्स पार्टी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं दूसरे नंबर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक ...और पढ़ें

शिलॉन्ग, पीटीआई। कांग्रेस ने मेघालय की एनपीपी द्वारा राज्य में अगली सरकार बनाने के लिए अपनी पूर्व सहयोगी भाजपा से समर्थन मांगने को विरोधाभासी करार दिया। मायलिएम विधानसभा क्षेत्र से जीतने वाले कांग्रेस विधायक रोनी वी लिंगदोह ने कहा कि हार के बावजूद विपक्ष समान विचारधारा वाले दलों के साथ काम करना जारी रखेगा।
भाजपा पर हमलावर हुए कांग्रेस विधायक
कांग्रेस विधायक लिंगदोह ने कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कहते हैं कि एनपीपी सबसे भ्रष्ट सरकार है। वे एक ही पार्टी के साथ कैसे काम कर सकते हैं?" उत्तरी तुरा निर्वाचन क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए शाह ने 16 फरवरी को कहा था कि भाजपा ने मेघालय में चुनाव से पहले एनपीपी के साथ अपना गठबंधन तोड़ दिया ताकि वह सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ सके और मजबूत होकर उभर सके।
राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी एनपीपी
नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) गुरुवार को राज्य की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिसने 27 फरवरी को 59 निर्वाचन क्षेत्रों में हुए चुनाव में से 26 सीटों पर जीत हासिल की। हालांकि, पार्टी बहुमत यानी 60 में से 31 सीटों पर जीत हासिल करने में पीछे रह गई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि संगमा ने नई सरकार बनाने के लिए शाह का समर्थन मांगा है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP), जो संगमा सरकार में NPP की सहयोगी थी, 11 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल करके दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है, उसने 2018 के चुनावों में केवल छह सीटें जीती थीं।
'भाजपा भी बराबर का दोषी'
कांग्रेस और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी ने पांच-पांच सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने दो विधानसभा सीटें हासिल कीं। लिंगदोह ने कहा, "क्या बीजेपी पूरे पांच साल एनपीपी के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा नहीं थी? जब आप कह रहे हैं कि यह सबसे भ्रष्ट सरकार है, तो क्या आप खुद को दोष नहीं दे रहे हैं? उनकी पार्टी शुरू से अंत तक गठबंधन का हिस्सा थी। अगर भ्रष्टाचार था, तो वे भी समान रूप से दोषी और जिम्मेदार हैं।"
'समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ करेंगे काम'
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए काम करती रहेगी। लिंगदोह ने कहा, "हम समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ काम करेंगे। हम उन पार्टियों के साथ काम करेंगे जो बहुलतावाद, धर्मनिरपेक्षता और कानून के शासन में विश्वास करती हैं, संविधान और लोकतंत्र को बनाए रखती हैं।"
