Udhayanidhi Stalin: सनातन धर्म पर टिप्पणी मामले में एक और याचिका दायर, कोर्ट ने लंबित याचिका के साथ किया टैग
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सनातन के खिलाफ टिप्पणी मामले में तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दायर एक याचिका को इसी तरह की एक अन्य लंबित याचिका के साथ टैग कर दिया। इसमें उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म मिटाओ टिप्पणी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। पीठ ने कहा हम नोटिस जारी नहीं करेंगे लेकिन हम इसे टैग करेंगे।

नई दिल्ली, पीटीआई। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सनातन के खिलाफ टिप्पणी मामले में तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दायर एक याचिका को इसी तरह की एक अन्य लंबित याचिका के साथ टैग कर दिया। इसमें उदयनिधि स्टालिन की 'सनातन धर्म मिटाओ' टिप्पणी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।
उदयनिधि और ए राजा के खिलाफ FIR की मांग
जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला एम.त्रिवेदी की पीठ सनातन धर्म पर उनकी टिप्पणियों के लिए उदयनिधि स्टालिन और द्रमुक नेता ए.राजा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ द्रमुक के प्रमुख एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन एक अभिनेता भी हैं।
लंबित याचिका के साथ टैग किया गया याचिका
दिल्ली स्थित वकील विनीत जिंदल द्वारा दायर याचिका बुधवार को पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई। पीठ ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील से कहा, 'हम नोटिस जारी नहीं करेंगे, लेकिन हम इसे टैग करेंगे।'
तमिलनाडु की ओर से पेश वकील ने तर्क दिया कि याचिका 'प्रचार हित याचिका की प्रकृति में एक जनहित याचिका' थी। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत ने पिछले हफ्ते इसी तरह की प्रार्थना वाली एक अन्य याचिका पर नोटिस जारी किया था और ऐसी दूसरी याचिका की कोई आवश्यकता नहीं है।
पीठ ने कहा, 'नोटिस लेने के बजाय, हम इसे उस दिन लेंगे। संविधान के तहत आपके पास उचित उपाय है। हम केवल इसे टैग कर रहे हैं।' वहीं, अपनी याचिका में जिंदल ने कहा कि वह दो द्रमुक नेताओं के सनातन धर्म के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पिणयों से बेहद परेशान हैं।
सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी टिप्पिणयां 'घृणास्पद भाषण' के समानः याचिका
याचिका में दावा किया गया है कि सनातन धर्म के खिलाफ ऐसी टिप्पिणयां 'घृणास्पद भाषण' के समान हैं। याचिका में केंद्र और तमिलनाडु सरकार को कोई कार्रवाई नहीं करने पर दिल्ली और चेन्नई पुलिस के खिलाफ कदम उठाने के निर्देश देने को कहा गया है।
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