केरल में विपक्ष के नेता सतीशन के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश, सीएम को सौंपी गई विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट
केरल विजिलेंस ने विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन के खिलाफ 'पुनर्जन्म' परियोजना के लिए विदेश से धन जुटाने में कथित अनियमितताओं को लेकर सीबीआई जांच की सिफार ...और पढ़ें

सतीशन ने कहा कि वह इस मामले को व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे (फोटो: पीटीआई)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केरल की विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो (वीएसीबी) ने केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन के खिलाफ 'पुनर्जन्म' नामक पुनर्वास परियोजना के संबंध में विदेश से धन एकत्र करने में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सतीशन ने कहा कि वह इस मामले को व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीबीआई जांच की सिफारिश वाली विजिलेंस विभाग की रिपोर्ट मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंपी गई है। विजिलेंस विभाग ने विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के उल्लंघनों का हवाला देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। सतीशन ने निजी यात्रा के लिए केंद्रीय सरकार से अनुमति प्राप्त करने के बाद विदेश यात्रा की और कथित तौर पर विदेशों से धन एकत्र किया, जिसे बाद में केरल के खातों में स्थानांतरित किया गया।
सीबीआई जांच की सिफारिश की गई
विजिलेंस रिपोर्ट में एफसीआरए अधिनियम 2010 की धारा 3(2)(अ) के तहत सीबीआई जांच की सिफारिश की गई है, जो किसी भी व्यक्ति को जो भारत में निवास करता है या किसी भारतीय नागरिक को जो विदेश में निवास करता है, राजनीतिक दल की ओर से विदेशी योगदान स्वीकार करने से रोकती है।
वीएसीबी के निष्कर्षों के अनुसार, 'पुनर्जन्म' परियोजना के लिए मणप्पट्टू फाउंडेशन नामक एक फाउंडेशन बनाकर विदेश से धन एकत्र किया गया। लगभग 19.95 लाख रुपये विभिन्न व्यक्तियों से ब्रिटेन में एकत्र किया गया और फाउंडेशन के खाते में स्थानांतरित किया गया। यह धन ब्रिटेन स्थित एनजीओ मिडलैंड इंटरनेशनल एड ट्रस्ट (एमआईएटी) के माध्यम से फाउंडेशन के एफसीआरए खाते में भेजा गया।
विजिलेंस विभाग ने एक वीडियो की भी जांच की है जिसमें सतीशन को ब्रिटेन में एक कार्यक्रम में प्रतिभागियों से प्रत्येक से जीबीपी 500 का योगदान देने के लिए कहते हुए देखा गया है। वहीं सतीशन ने कहा कि वह इस मामले को व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से लड़ेंगे। उन्हें सीबीआइ द्वारा मामले की जांच करने में कोई समस्या नहीं है। इस बीच, कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं ने सतीशन के समर्थन में एकजुटता दिखाई है।
(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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