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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डाटा साइंस और मशीन लर्निंग सीखेंगे युवा, अप्रेंटिसशिप स्कीम में सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव

Published: Sun, 25 May 2025 07:34 PM (IST)

मोदी सरकार कौशल विकास कार्यक्रमों में सुधार कर रही है जिसमें अप्रेंटिसशिप योजनाओं में बदलाव शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में ...और पढ़ें

4000 नए उच्च शिक्षण संस्थानों को भी शामिल करने की तैयारी है (फोटो: मेटा एआई)
4000 नए उच्च शिक्षण संस्थानों को भी शामिल करने की तैयारी है (फोटो: मेटा एआई)

HighLights

  1. परिषद की 38वीं बैठक सोमवार को होने जा रही है
  2. उद्योग, शिक्षा जगत आदि के प्रतिनिधि शामिल होंगे
  3. एक लाख से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करना है

जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। समय और तकनीक के साथ बदल रहे रोजगार के बाजार पर निगाह जमाए मोदी सरकार अपने कौशल विकास के कार्यक्रमों में भी लगातार बदलाव कर रही है। इसी क्रम में सरकार अब कौशल विकास के महत्वपूर्ण अंग अप्रेंटिसशिप (प्रशिक्षुता) की योजनाओं में भी कुछ प्रमुख सुधार और बदलाव करने जा रही है।

विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के परिवर्तनकारी प्रभाव को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में एक लाख से अधिक युवाओं को ऑन जॉब ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इसके साथ ही अप्रेंटिसशिप ईकोसिस्टम का विस्तार करते हुए इसमें 4000 नए उच्च शिक्षण संस्थानों को भी शामिल करने की तैयारी है।

सोमवार को होगी 38वीं बैठक

केंद्रीय प्रशिक्षुता परिषद (सीएसी) की अंतिम बैठक जून 2021 में हुई थी। फिर उसे कुछ बदलाव करते हुए वर्ष 2024 में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने परिषद का पुनर्गठन किया। अब इतने समय बाद उस परिषद की 38वीं बैठक सोमवार को होने जा रही है। इसमें केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकारों, उद्योग जगत, शिक्षा जगत आदि के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कौशल विकास और उद्यमिता के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रशिक्षुता केवल एक योजना नहीं है, यह एक राष्ट्रीय अनिवार्यता है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि यह समय के साथ विकसित हो, अंतिम छोर तक पहुंचे।

- जयन्त चौधरी, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)

यह बैठक कौशल विकास मंत्रालय की पीएम-नेशनल अप्रेंटसिशिप प्रमोशन स्कीम (पीएम-एनएपीएस) और शिक्षा मंत्रालय की नेशनल अप्रेंटसिशिप ट्रेनिंग स्कीम (एनएटीएस) से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाने के लिए बुलाई गई है। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इनमें सबसे प्रमुख यह है कि एनएटीएस के तहत एआई केंद्रित प्रशिक्षुता की शुरुआत की जानी है।

डाटा साइंस, मशीन लर्निंग पर फोकस

  • जुलाई 2025 में लांच होने जा रहे इस कार्यक्रम का लक्ष्य डाटा साइंस, मशीन लर्निंग और एप्लिकेशन डेवलपमेंट जैसे अत्याधुनिक डोमेन में एक लाख से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षित करना है। इसके साथ ही अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) को गेमचेंजर मान रहा मंत्रालय स्नातक स्तर पर आन द जाब ट्रेनिंग को औपचारिक रूप से जोड़ने जा रहा है।
  • अपने इन सुधार के प्रयासों को धरातल पर उतारने के लिए 2025-26 में 4000 से अधिक उच्च शिक्षा संस्थानों को अप्रेंटिसशिप ईकोसिस्टम में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने प्रशिक्षुता को बढ़ावा देने के लिए अब तक जो प्रयास किए, उससे भी प्रशिक्षुता बढ़ी।
  • वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक पीएम-एनएपीएस के तहत 35,53,942 और एनएटीएस योजना में 12,94,206 युवाओं को अप्रेंटिसशिप दिलाई जा चुकी है, लेकिन यह आंकड़ा सरकार की आशा के अनुरूप नहीं है। कुछ चुनौतियों को चिन्हित कर अब कौशल विकास और शिक्षा मंत्रालय ने साझा रोडमैप पर काम करने का निर्णय लिया गया है।

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