ओवैसी को भागवत से सवाल करने का नैतिक आधार नहीं, बीजेपी ने AIMIM चीफ पर साधा निशाना
भाजपा और शिवसेना ने मोहन भागवत के 'लव जिहाद' संबंधी बयानों पर असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणियों की कड़ी निंदा की। भाजपा ने कहा कि ओवैसी के पास संघ प्रमुख ...और पढ़ें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत। (फाइल)
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा और शिवसेना ने सोमवार को एआइएमआइएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत पर की गई टिप्पणियों की कड़ी निंदा की, जिसमें उन्होंने ''लव जिहाद'' पर भागवत के विचारों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि ओवैसी के पास संघ प्रमुख को चुनौती देने के लिए ''नैतिक और राजनीतिक अधिकार दोनों की कमी'' है।
मोहन भागवत ने भोपाल में 'स्त्री शक्ति संवाद' कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ''लव जिहाद'' के रूप में वर्णित घटनाएं मुख्यत: परिवारों में संवाद और नैतिक आधार की कमी के कारण होती हैं। उन्होंने तर्क किया कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए गंभीर प्रयास घर से शुरू होने चाहिए।
ओवैसी ने कहा था कि वयस्कों को अपने साथी चुनने का कानूनी और संवैधानिक अधिकार है। ''यदि 'लव जिहाद' हो रहा है, तो संसद में डाटा प्रस्तुत करें। इस शब्द को परिभाषित करें और पिछले 11 वर्षों के रिकार्ड दिखाएं।''
ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के प्रवक्ता प्रातुल शाह देव ने बताया, ''ओवैसी के पास संघ प्रमुख मोहन भागवत को सवाल करने का न तो नैतिक और न ही राजनीतिक आधार है। लव जिहाद तब होता है जब एक मुस्लिम युवक या किसी अन्य धर्म का व्यक्ति हिंदू लड़कियों को मतांतरण के लिए धोखा देता है और यहां तक कि हिंदू नाम भी अपनाता है।''
उन्होंने कहा कि इस अवधारणा को अंतरधार्मिक विवाहों के साथ भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए। लव मैरिज और लव जिहाद में स्पष्ट अंतर है। शिवसेना की नेता शाइना एनसी ने भी संघ प्रमुख के समर्थन में आवाज उठाई कि भागवत की टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''मोहन भागवत कहते हैं कि यदि हम अपने समाज में अपने परिवार की संरचना में अच्छे मूल्य प्रणाली को विकसित करें, तो विवाह सुरक्षित रहेगा। हमें विचारधारा, मूल्य प्रणाली और संस्कृति सभ्यता का एक मजबूत आधार बनाना होगा।''
शाइना ने कहा, ''ओवैसी ने संघ प्रमुख की हर बात को गलत तरीके से समझा। लव जिहाद तब होता है जब लड़का एक लड़की को धोखा देता है, उसे फंसा कर विवाह के संस्थान को कमजोर करता है।''
हर साल पांच लाख लड़कियां बनीं शिकार
वरिष्ठ वकील अश्विनी उपाध्याय ने ''लव जिहाद'' को एक राष्ट्रीय समस्या बताते हुए दावा किया कि हर साल पांच लाख से अधिक लड़कियां इसका शिकार होती हैं, जिससे भारत की जनसंख्या और जनसांख्यिकी में बदलाव आ रहा है।
संघसरचालक मोहन भागवत की हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपाध्याय ने आरोप लगाया कि लव जिहाद एक योजनाबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है, जिसमें घुसपैठियों का बसना और देशभर में व्यवस्थित धार्मिक मतांतरण शामिल है।
उपाध्याय ने कहा, ''लव जिहाद एक राष्ट्रीय समस्या बन गया है, और हर साल पांच लाख से अधिक लड़कियां इसका शिकार हो रही हैं। इसका अंतिम लक्ष्य भारत की जनसंख्या को बदलना है, क्योंकि यदि किसी स्थान की जनसंख्या बदलती है, तो उसकी संस्कृति भी बदलती है।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।