गुवाहाटी (जेएनएन)। राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत ने मंगलवार को आतंकियोंको आर्थिक मदद देने के आरोप में दो पूर्व उग्रवादी नेताओं और एक भाजपा नेता को उम्रकैद की सजा सुनाई। इन्हें 1000 करोड़ के वित्तीय घोटाले और आतंकी फंडिंग मामले का दोषी पाया गया। जेल के अलावा इन पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। इनके अलावा 12 अन्य लोगों को भी सजा सुनायी गयी है।

एनआईए के विशेष जज ने उग्रवादी संगठन दिमा हलम दाओघ के चेयरमैन को सजा सुनायी।  एनआईए के वकील दिलीप दास ने बताया कि जिन लोगों को सजा सुनायी गयी उनमें आतंकी संगठन डीएचडी के कमांडर इन चीफ जेवेल गरलोसा के अलावा निरंजन होजाई, मोहेत होजाई शामिल हैं।

एनआईए ने 2009 में इस मामले में गारलोसा, होजाई, एनसी हिल्स स्वायत परिषद के पूर्व कार्यकारी सदस्य मोहत होजाई, सामाजिक कल्याण विभाग के अधिकारी आरएच खान और 12 अन्य लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। मोहेत होजाई को 30 मई 2009 को गिरफ्तार किया गया था और वह जेल में है, जबकि जेवेल गरलोसा और निरंजन होजाई गिरफ्तार हुए थे और बाद में जमानत पर थे। दोनों ही स्वायत्त परिषद दिमा हसाओ के चयनित सदस्य हैं। इसके अलावा निरंजन भाजपा के निर्वाचित सदस्य भी हैं।

राज्‍य प्रवक्‍ता बिजन महाजन ने बताया, असम की भाजपा गौहाटी हाईकोर्ट जाने की योजना बना रही है ताकि निरंजन होजाई को इससे आजादी मिल सके।

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Posted By: Monika minal