बिहार SIR में आपत्ति दर्ज कराने की बढ़ेगी समय सीमा? सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, 8 सितंबर को सुनवाई
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और एआईएमआईएम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। कोर्ट इस मामले पर 8 सितंबर को सुनवाई करेगा। राजद ने बाढ़ के कारण लोगों को हो रही मुश्किलों का हवाला देते हुए सीमा बढ़ाने का आग्रह किया है।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और एआईएमआईएम ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण अभियान में प्रारूप सूची में नहीं शामिल हुए लोगों को आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। कोर्ट इन अर्जियों पर मुख्य मामले के साथ आठ सितंबर को सुनवाई करेगा।
अभी दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा एक सितंबर है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति सूर्यकांत, जोयमाल्या बाग्ची और विपुल एम पंचोली की पीठ के समक्ष वकील प्रशांत भूषण, वरिष्ठ वकील शोएब आलम और निजाम पाशा ने नयी आर्जियों का जिक्र कर जल्दी सुनवाई का अनुरोध किया। शोएब आलम और प्रशांत भूषण ने कहा कि राजद और कुछ अन्य दलों ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है जिसमें आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।
सुनवाई के लिए राजी हो गया कोर्ट
आलम ने कहा कि दायर किये गए दावों और आपत्तियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है इसलिए समय बढ़ाने की जरूरत है। एआईएमआईएम के वकील निजाम पाशा ने कहा कि कोर्ट के गत 22 अगस्त के आदेश के पहले 84000 दावे दाखिल हुए थे जबकि आदेश के बाद करीब 95000 दावे दाखिल हुए हैं जिसे देखते हुए समय बढ़ाने की आवश्यकता है। पीठ ने सवाल किया कि क्या उन्होंने इस संबंध में चुनाव आयोग से संपर्क किया था।
भूषण ने कहा कि उन्होंने संपर्क किया था लेकिन उनके अनुरोध पर विचार नहीं किया जा रहा। अंत में कोर्ट मामले पर सुनवाई के लिए राजी हो गया और इन अर्जियों को भी आठ सितंबर को मुख्य मामले के साथ सुनवाई के लिए लगाने का आदेश दिया। राजद की अर्जी में बिहार के कई इलाकों में बाढ़ के कारण लोगों के दावे दाखिल करने में मुश्किल भी बताई गई है। राजद ने कोर्ट से आपत्ति दाखिल करने की सीमा दो सप्ताह बढ़ा कर 15 सितंबर करने का अनुरोध किया है। एआईएमआईएम ने भी दावों की संख्या बढ़ने और बाढ़ को देखते हुए समय बढ़ाने की मांग की है।
मामला जब सुबह कोर्ट में मेंशन कर जल्दी सुनवाई मांगी गई थी तब कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करने की बात कही थी लेकिन बाद में जो आदेश आया उसमें अगले सोमवार यानी आठ सितंबर को मुख्य मामले के साथ अर्जियों पर सुनवाई का निर्देश दिया गया है। अर्जीकर्ता के वकीलों का कहना है कि आदेश में शायद गलती से अगले सोमवार की तिथि आ गई है उन्होंने आदेश में सुधार के लिए कोर्ट मास्टर से संपर्क किया है। हालांकि अभी तक आदेश में आठ सितंबर की ही तारीख तय है।
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