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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Atul Subhash Case: 'दादी बच्चे के लिए अजनबी', अतुल सुभाष की मां ने मांगी पोते की कस्टडी तो कोर्ट बोला- आप गलत जगह आ गए

Published: Tue, 07 Jan 2025 04:16 PM (IST)Updated: Tue, 07 Jan 2025 06:22 PM (IST)

अतुल सुभाष की मां ने अपने पोते की कस्टडी लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इधर अतुल सुभाष ...और पढ़ें

अतुल सुभाष की मां ने मांगी पोते की कस्टडी (फाइल फोटो)
अतुल सुभाष की मां ने मांगी पोते की कस्टडी (फाइल फोटो)

HighLights

  1. अतुल सुभाष की मां ने अपने पोते की कस्टडी लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
  2. निकिता के वकील ने कहा कि बेंगलुरु ले जाया जाएगा, जहां वह अपनी मां के साथ रह सकता है।

 Atul Subhash Case Row: तकनीकी इंजीनियर अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में आज हुई। इस बीच इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। पिछले समय से अतुल सुभाष के चार साल के बेटे के बारे में जानकारी मांगी जा रही थी कि वह कहां है।

अब अतुल सुभाष की अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया ने आज सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उनका बेटा हरियाणा के फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में है। इस मामले में निकिता के वकील ने बताया कि बच्चे को बेंगलुरु ले जाया जाएगा, जहां वह अपनी मां के साथ रह सकता है।

अतुल सुभाष की मां ने मांगी कस्टडी

दरअसल, अतुल सुभाष की मां अंजू देवी ने भी अपने पोते की कस्टडी के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अंजू देवी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कोर्ट को बताया कि दादी होने के नाते उन्हें बच्चे की कस्टडी दी जानी चाहिए। उनके वकील ने कहा कि छह साल से कम उम्र के बच्चे को बोर्डिंग स्कूल में नहीं भेजा जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि बच्चे ने अपनी दादी के साथ मुश्किल से ही समय बिताया है। इस मामले में न्यायमूर्ति नागरत्न ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह कहते हुए खेद हो रहा है, लेकिन बच्चा याचिकाकर्ता के लिए अजनबी है। इसपर अंजू देवी के वकील ने कहा कि उनके पास बच्चे के साथ दादी की बातचीत की तस्वीरें हैं, जब वह दो साल का था।

निकिता सिंघानिया के वकील ने क्या कहा?

  • निकिता के वकील ने आज कोर्ट को बताया कि चार साल के बच्चे का दाखिला फरीदाबाद के एक बोर्डिंग स्कूल में हुआ था और वह अपनी मां की गिरफ्तारी और उसके बाद जमानत के दौरान वहीं था। हालांकि, बच्चे को बेंगलुरु शिफ्ट करने की जरूरत होगी क्योंकि निकिता को अपनी जमानत की शर्तों के अनुसार वहां रहना होगा।
  • निकिता सिंघानिया के वकील ने जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच को बताया कि हम बच्चे को बेंगलुरु ले जाएंगे। हमने लड़के को स्कूल से निकाल लिया है। जमानत की शर्तों को पूरा करने के लिए मां को बेंगलुरु में ही रहना होगा।
  • निकिता के वकील की बात को सुनने के बाद अदालत ने जोर देते हुए कहा कि निकिता सिंघानिया को अभी दोषी साबित होना बाकी है और वह मीडिया ट्रायल के आधार पर मामले का फैसला नहीं कर सकती। पीठ ने कहा कि बच्चे की कस्टडी के मुद्दे को उचित अदालत में उठाया जाना चाहिए, जहां मुकदमा चल रहा है। मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को होगी।

एआई इंजीनियर ने कर ली थी आत्महत्या

उल्लेखनीय है कि एआई इंजीनियर अतुल सुभाष ने दिसंबर 2024 में बेंगलुरु में आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक लंबा वीडियो रिकॉर्ड किया था और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें अतुल ने अपने से अलग रही पत्नी निकिता और उसके परिवार के सदस्यों पर उसके और उसके माता-पिता के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करके उनसे पैसे ऐंठने का आरोप लगाया था।

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